फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   These zodiac signs will get blessings of Lord Shiva on Mahashivratri 2024

Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर इन राशियों को मिलेगा शिवजी का आशीर्वाद, होगा जबरदस्त आर्थिक लाभ

Thu, 29 Feb 2024 11:48 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 29 Feb 2024 11:48 AM IST
सार

25 फरवरी से शुरू हो रहा फाल्गुन मास 25 मार्च तक रहेगा। शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है इसलिए शिवरात्रि का व्रत भी आठ मार्च को ही होगा। इस बार शिवरात्रि में राशियों के अदभुत संयोग बन रहा है, जिसका फायदा सभी राशियों को मिलने जा रहा है।

विज्ञापन
These zodiac signs will get blessings of Lord Shiva on Mahashivratri 2024
Mahashivratri 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

25 फरवरी से शुरू हो रहा फाल्गुन मास 25 मार्च तक रहेगा। फाल्गुन में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार चतुर्दशी आठ मार्च की रात 9:58 बजे से शुरू हो रही है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार क्योंकि शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है इसलिए शिवरात्रि का व्रत भी आठ मार्च को ही होगा। इस बार शिवरात्रि में सर्वार्थ सिद्धि योग, शिव योग, सिद्धि योग और कुंभ राशि में सूर्य, शनि, बुध की युति जैसा अदभुत संयोग भी बन रहा है जिसका फायदा सभी 12 राशियों को मिलने जा रहा है।

विज्ञापन

ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार चतुर्दशी तिथि नौ मार्च की शाम 6:18 बजे तक रहेगी। हालांकि शिवरात्रि पहले दिन आठ मार्च को ही मनाई जाएगी। श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र के अलावा शिव और सिद्ध योग के शुभ योग में यह व्रत होगा। मिथुन, तुला, कुंभ, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को इस व्रत को करने से विशेष फलों की प्राप्ति होगी। इस बार विपरीत ग्रह सूर्य और शनि कुंभ राशि में हैं। पिता (सूर्य) और पुत्र (शनि) एक ही राशि में होने से यह संयोग सभी राशियों के लिए फलदायक है।महाशिवरात्रि में बन रहे शुभ योग में राशि अनुसार उपाय करने से भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूजन और शुभ मुहूर्त
108 बेलपत्र, केला, कपूर, कंकोल, पारा, अष्टगंध, तिल, जौं, लौंग, दूब, जटामासी, गाय का दूध, चावल, फूल, तुलसी चढाने से कोटी यज्ञ फल प्राप्त होता है। इस दिन रुद्राभिषेक विद्वान ब्राह्मण से कराने से धन और वैभव की प्राप्ति होती है। शुभ मुहूर्त प्रथम प्रहर शाम 6:16 से 9:21 बजे, दूसरा प्रहर 9:21 से रात्रि 12:20 तक, तीसरा प्रहर मध्य रात्रि 12:20 से रात्रि 3:24 तक और चतुर्थ प्रहर पूजा मुहूर्त रात 3:24 से अगले दिन नौ मार्च की सुबह 6:32 बजे तक होगा। महानिशा काल पूजा मुहूर्त आठ मार्च की रात 11:55 बजे से 12:40 बजे तक रहेगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed