तैयारी: नैनीताल और भवाली की धारण क्षमता का होगा सर्वे, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड जुटाएगा आंकड़ें
आबादी और वाहनों के बढ़ते दबाव से जूझ रहे नैनीताल और भवाली की धारण क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) का सर्वे होगा। शासन ने इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड को जिम्मेदारी सौंपी है।
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आबादी और वाहनों के बढ़ते दबाव से जूझ रहे नैनीताल और भवाली की धारण क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) का सर्वे होगा। शासन ने इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए नैनीताल और भवाली मार्ग पर कैमरे लगाए जाएंगे। इसी तरह का सर्वे बाबा नीब करौरी कैंची धाम में भी किया जाएगा। सर्वे के बाद शासन यहां आने वाले लोगों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था लागू कर सकता है।
गर्मियों में नैनीताल शहर में रोजाना 7500 चार पहिया वाहन आते हैं। हर वाहन में औसतन चार पर्यटक सवार रहते हैं। पर्यटन सीजन में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए प्रशासन को हर सप्ताहांत ट्रैफिक प्लान लागू करना पड़ता है। वाहनों का दबाव बढ़ने पर बिना होटल बुकिंग वाले पयर्टकों के वाहनों को रूसी बाईपास पर रोक दिया जाता है। वाहनों को वहीं पार्क कराने के बाद पर्यटकों को शटल सेवा से नैनीताल भेजा जाता है। कैंचीधाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या बेहिसाब बढ़ने के कारण भवाली नगर पर भी अत्यधिक दबाव बढ़ा है। इसे देखते हुए शासन की ओर से उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड से नैनीताल, कैंची धाम और भवाली का सर्वे कराया जाएगा। इन मार्गों पर वाहनों की गणना के लिए सीसीटीवी भी लगाए जा रहे हैं।
नैनीताल में पार्किंग की स्थिति
पार्किंग स्थल वाहन क्षमता
खेल मैदान 350
केएमवीएन 150
सूखाताल 150
अशोका 80
बीडी पांडे 40
कलेक्ट्रेट 200
मेट्रोपोल 100
92 होटलों में है पार्किंग की व्यवस्था
नैनीताल में 320 होटल व होम स्टे पर्यटन विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें करीब साढ़े चार हजार कमरे हैं। मात्र 92 होटलों व होम स्टे में पार्किंग की व्यवस्था है। इन होटलों में करीब 1,330 वाहन पार्क हो सकते हैं।
नैनीताल, कैंचीधाम और भवाली की धारण क्षमता का सर्वे किया जाएगा। इसके लिए शासन ने उत्तराखंड पर्यटन बोर्ड को जिम्मेदारी सौंपी है। इन शहरों के मार्गों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। सर्वे के बाद पर्यटकों के पंजीकरण की व्यवस्था लागू करने पर शासन की ओर से फैसला लिया जाएगा। -वंदना, जिलाधिकारी, नैनीताल