{"_id":"579120e54f1c1b5a3dc4b8c0","slug":"then-the-drinking-water-supply-was-disrupted","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर बाधित हुई पेयजल आपूर्ति ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर बाधित हुई पेयजल आपूर्ति
haldwani
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्की सी बारिश पेयजल संकट का सबब बन जाती है। गौला बैराज में आई सिल्ट साफ करने के लिए दो घंटे तक जल संस्थान के फिल्टर प्लांट को आपूर्ति बंद कर दी गई। जबकि, खेड़ा गांव में बिजली गुल होने के कारण ट्यूबवेल नहीं चल सका।
बृहस्पतिवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने उमस से राहत दी। दूसरी ओर बारिश के कारण गंदगी और सिल्ट आ गई। गेट पर अधिक गंदगी और सिल्ट आने के कारण सफाई की गई। गौला बैराज से सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक जल संस्थान के फिल्टर प्लांट को आपूर्ति नहीं हो सकी। फिल्टर प्लांट को आपूर्ति न होने के कारण शाम को कुछ क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। दूसरी ओर गौलापार और टीपी नगर की 33 केवी लाइन सुबह ब्रेकडाउन हो गया।
लाइन ब्रेकडाउन में आने के कारण गौलापार बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। खेड़ा गांव में बिजली न होने के कारण ट्यूबवेल नहीं चल सका। खेड़ा गांव में भी लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। गौला बैराज के अवर अभियंता नवीन पांडे ने बताया कि गौला का जलस्तर 1950 क्यूसेक रहा। उन्होंने बताया कि गंदगी के कारण सफाई करनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने उमस से राहत दी। दूसरी ओर बारिश के कारण गंदगी और सिल्ट आ गई। गेट पर अधिक गंदगी और सिल्ट आने के कारण सफाई की गई। गौला बैराज से सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक जल संस्थान के फिल्टर प्लांट को आपूर्ति नहीं हो सकी। फिल्टर प्लांट को आपूर्ति न होने के कारण शाम को कुछ क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। दूसरी ओर गौलापार और टीपी नगर की 33 केवी लाइन सुबह ब्रेकडाउन हो गया।
विज्ञापन
लाइन ब्रेकडाउन में आने के कारण गौलापार बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। खेड़ा गांव में बिजली न होने के कारण ट्यूबवेल नहीं चल सका। खेड़ा गांव में भी लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। गौला बैराज के अवर अभियंता नवीन पांडे ने बताया कि गौला का जलस्तर 1950 क्यूसेक रहा। उन्होंने बताया कि गंदगी के कारण सफाई करनी पड़ी।
विज्ञापन