{"_id":"662edf5e54aa66cfd60a4cf4","slug":"the-tigress-that-killed-the-farmer-was-finally-caught-haldwani-news-c-239-1-rnr1001-103114-2024-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: किसान को मारने वाली बाघिन आखिरकार पकड़ में आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: किसान को मारने वाली बाघिन आखिरकार पकड़ में आई
Mon, 29 Apr 2024 05:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 29 Apr 2024 05:14 AM IST
विज्ञापन
- मृतक किसान को बाघिन ने हमला कर मार डाला था
- बाघिन का डीएनए सैंपल जांच के लिए हैदराबाद भेजा
रामनगर (नैनीताल)। दस दिन पहले बासीटीला गांव में किसान को मार डालने वाले बाघ को शनिवार रात ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया गया। हमलावर बाघ नहीं बाघिन थी, जिसे ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है, जहां से उसका डीएनए सैंपल लेकर हैदराबाद जांच के भेजा जा रहा है। वन कर्मियों ने इस बाघिन को पकड़ने के लिए आठ रात जागकर मशक्कत की थी।
18 अप्रैल को बासीटीला गांव में 42 वर्षीय किसान प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू तिवारी को खेत में गेहूं की रखवाली करते समय बाघ ने हमला कर मार डाला था। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कैमरा ट्रैप, ड्रोन और रात के समय वन कर्मियों की टीम जंगल में मुस्तैद थी। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे के आसपास बासीटीला गांव के पास बने वाटर हाल के करीब बाघ आया तो उसे कॉर्बेट पार्क के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा ने ट्रैंकुलाइज किया। ट्रैंकुलाइज करने के बाद जांच पड़ताल की गई तो वह बाघिन थी। बाघिन को ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है।
सीटीआर निदेशक ने बताया कि पकड़ी गई बाघिन की उम्र 2 से 3 वर्ष के बीच है। उसका डीएनए सैंपल लिया गया है, जिसे पूर्व में लिए गए सैंपल से मिलान के लिए हैदराबाद भेजा रहा है। रेस्क्यू टीम में कॉर्बेट पार्क के उपनिदेशक दिगांथ नायक, पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी, एसडीओ कालागढ़ शालिनी जोशी, ढेला रेंजर भानु प्रकाश हर्बाेला आदि रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
- बाघिन का डीएनए सैंपल जांच के लिए हैदराबाद भेजा
रामनगर (नैनीताल)। दस दिन पहले बासीटीला गांव में किसान को मार डालने वाले बाघ को शनिवार रात ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया गया। हमलावर बाघ नहीं बाघिन थी, जिसे ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है, जहां से उसका डीएनए सैंपल लेकर हैदराबाद जांच के भेजा जा रहा है। वन कर्मियों ने इस बाघिन को पकड़ने के लिए आठ रात जागकर मशक्कत की थी।
18 अप्रैल को बासीटीला गांव में 42 वर्षीय किसान प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू तिवारी को खेत में गेहूं की रखवाली करते समय बाघ ने हमला कर मार डाला था। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कैमरा ट्रैप, ड्रोन और रात के समय वन कर्मियों की टीम जंगल में मुस्तैद थी। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे के आसपास बासीटीला गांव के पास बने वाटर हाल के करीब बाघ आया तो उसे कॉर्बेट पार्क के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा ने ट्रैंकुलाइज किया। ट्रैंकुलाइज करने के बाद जांच पड़ताल की गई तो वह बाघिन थी। बाघिन को ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है।
विज्ञापन
सीटीआर निदेशक ने बताया कि पकड़ी गई बाघिन की उम्र 2 से 3 वर्ष के बीच है। उसका डीएनए सैंपल लिया गया है, जिसे पूर्व में लिए गए सैंपल से मिलान के लिए हैदराबाद भेजा रहा है। रेस्क्यू टीम में कॉर्बेट पार्क के उपनिदेशक दिगांथ नायक, पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी, एसडीओ कालागढ़ शालिनी जोशी, ढेला रेंजर भानु प्रकाश हर्बाेला आदि रहे। संवाद
विज्ञापन