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Uk: रामनगर में मजदूर की जान लेने वाली बाघिन, साढ़े पांच घंटे में रेस्क्यू
Mon, 05 Jan 2026 10:47 AM IST
गायत्री जोशी
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Mon, 05 Jan 2026 10:47 AM IST
सार
रामनगर के पाटकोट क्षेत्र के भालोन गांव में श्रमिक की जान लेने वाली बाघिन को वन विभाग की टीम ने साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर लिया।
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सीटीआर के ढेला के जंगल में घटनास्थल पर लगाया गया अतिरिक्त पिंजरा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामनगर में श्रमिक अभिमन्यु को मारने वाली बाघिन को वन विभाग की टीम ने साढ़े पांच घंटे में रेस्क्यू कर लिया। दरअसल अपने स्वभाव के कारण युवक को मारने के कुछ घंटे बाद बाघिन दोबारा घटनास्थल पर पहुंची और अपने ही चक्रव्यूह में फंस गई।
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पाटकोट के भलोन में शाम करीब साढ़े छह बजे वन्यजीव के हमले में श्रमिक की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश था। सूचना देने के करीब एक घंटे तक जब डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया और एसडीओ अंकित बडोला नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। सीटीआर के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा और उनकी टीम शाम 7:30 बजे के आसपास हमलावर वन्यजीव को रेस्क्यू करने भालोन गांव पहुंची।
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डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बताया कि बाघिन के दोबारा आने का इंतजार किया। रात करीब 11:30 बजे जैसे ही बाघिन मौके पर दोबारा पहुंची तो टीम ने ट्रैक्यूलाइज गन से डॉट मारकर उसे बेहोश कर दिया। उन्होंने बताया कि बाघिन अपने शिकार की गंध के पीछे-पीछे दोबारा मौके पर आती है। बाघिन की उम्र करीब ढाई साल है।
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मलावर बाघिन को रेस्क्यू कर ढेला
रेस्क्यू सेंटर ले जाया जा रहा है। श्रमिक के शरीर पर मिले बाल और बाघिन के शरीर के बाल का डीएनए सैंपल लिया गया है। जांच के लिए सैंपल भेजे जाएंगे।-ध्रुव सिंह मर्तोलिया, डीएफओ
विभाग ने दिखाई होती सतर्कता तो नहीं होती घटना : धर्मेंद्र
प्रधान धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि काफी समय से इलाके में बाघ की दस्तक है। इसकी सूचना वनकर्मियों को समय- समय पर दी गई थी। वन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई जिस कारण युवक को असमय अपनी जान गंवानी पड़ी है। बाघ की दस्तक से ग्रामीण दहशत में दिन में घरों में रहने के लिए मजबूर हैं। इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। समाजसेवी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पाटकोट इंटर कॉलेज के पास उनका घर है जहां आए दिन बाघ नजर आता है।
पिछले एक वर्ष में बाघ के हमले की प्रमुख घटनाएं
07 जनवरी 2025 को रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज में शांति देवी बाघ का शिकार हुईं।
09 जनवरी 2025 को रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज में भुवन चंद्र बेलवाल को बाघ ने मारा।
09 जनवरी 2025 को कॉर्बेट के सांवल्दे में प्रेम सिंह को बाघ ने शिकार बना लिया।
26 मई 2025 को तराई पश्चिमी के हल्दुआ में विनोद कुमार को बाघ ने मार दिया।
दो जनवरी 2026 को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज के जंगल में लकड़ी बीनने गई सुखिया देवी (65) पत्नी चंदन सिंह को बाघ ने मार डाला।