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दुग्ध संघ के तीन अफसरों पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 01 May 2015 01:13 AM IST
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डेयरी फेडरेशन ने ट्रांसपोर्टर को स्वीकृत दरों से अधिक भुगतान करने तथा अनुबंधित अवधि के बीच में ही वाहन हटाने पर जमानत राशि दो लाख 20 हजार रुपए जब्त किए बगैर भुगतान करने के मामले में तीन अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। डेयरी फेडरेशन ने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के आरोपी तीन अफसरों को जांच में दोषी पाने पर अस्थायी वेतन वृद्धि रोकने, भुगतान की राशि की वसूली करने और संबंधित ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्टेड करने के आदेश दिए हैं।
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उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक ललित मोहन रयाल ने यह कार्रवाई रुद्रपुर निवासी नवीन सिंह की शिकायत पर हुई जांच के बाद की है। प्रबंध निदेशक के आदेश के मुताबिक ट्रांसपोर्टर कैलाश मनराल द्वारा अनुबंधित अवधि के बीच में ही कार्य छोड़ने पर डा. मोहन चंद्र को दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ खटीमा के प्रधान प्रबंधक के रूप में रहते हुए दो लाख 20 हजार की जमानत राशि जब्त किए बिना वाहनों का भुगतान कर संस्था को आर्थिक हानि पहुंचाने का दोषी माना गया है। वह वर्तमान में पशु आहार निर्माणशाला रुद्रपुर में सामान्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।
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इसी मामले में तत्कालीन प्रधान प्रबंधक की तरह कमेटी में शामिल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ खटीमा के तत्कालीन प्रबंधक एवं वर्तमान में दुग्ध संघ नई टिहरी प्रबंधक एमएम पंत और दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ खटीमा के प्रबंधक (मार्के टिंग) पीएस नगरकोटी को भी दोषी पाया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टर कैलाश मनराल को लाभ पहुंचाकर इन तीनों अधिकारियों ने दुग्ध संघ को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।
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इस मामले की शिकायत मिलने पर डेयरी फेडरेशन के सामान्य प्रबंधक पीसी शर्मा से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है कि इन तीन अधिकारियों ने शर्तों और नियमों की अनदेखी कर ट्रांसपोर्टर को अनुचित रूप से लाभ पहुंचाया। ट्रांसपोर्टर द्वारा अपने वाहन हटा लेने के बाद दो दुग्ध मार्गों पर टेंडर अवधि के बीच पुन: बढ़ी हुई दरों पर उसी ठेकेदार कैलाश मनराल को ठेका दे दिया गया।