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दारू की आमदनी का लक्ष्य तो 44 करोड़ बढ़ा दिया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 May 2017 12:53 AM IST
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शराब की दुकान के विरोध में भले ही आंदोलन हो रहे हों मगर सरकार किसी भी हाल में शराब का राजस्व कम नहीं होने देना चाहती। यही कारण है कि इस बार जिले में शराब के राजस्व का लक्ष्य 44 करोड़ अधिक हो गया है।
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नई आबकारी नीति के तहत शासन ने जिले के लिए 219 करोड़ का राजस्व लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इस बार की लाइसेंस फीस में भी एक लाख का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोत्तरी का असर अब जनता की जेब पर पड़ेगा।
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जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल जिले के राजस्व का लक्ष्य 175 करोड़ निर्धारित था। इस बार शासन ने 44 करोड़ का लक्ष्य बढ़ा दिया है। पिछले बार जिले में अंग्रेजी शराब की 29 और देसी शराब की 32 दुकानें आवंटित की गई थी।
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इस बार लालकुआं की एक देशी शराब की दुकान समाप्त की गई है। इस बार अंग्रेजी शराब की दुकानों की संख्या तो वही है मगर देसी शराब की एक दुकान कम कर दी गई है। नैनीताल में बीयर की एक दुकान खोली जाएगी।
बार से भी अधिक राजस्व वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बार की लाइसेंस फीस दो लाख से बढ़कर तीन लाख की गई है। बार में खाने पर साढ़े पांच लाख की जगह आठ लाख का टैक्स रखा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शराब की दुकानों के लिए 26 मई तक फार्म भरे जाएंगे।
30 मई को लाटरी खोली जाएगी। एक जून से नई आबकारी नीति के तहत दुकानें संचालित की जाएगी। अधिकारी और कर्मचारी लाटरी की तैयारी के लिए कागजात तैयार करने के लिए अभी से जुट गए हैं।
यहां तो लक्ष्य का आंकड़े ही पार हो गया
पिछली बार शासन ने जिले के लिए 175 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन भाजपा सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाने के कारण विभाग को शराब की दुकानों से 237 करोड़ रुपये राजस्व हासिल हो गए। यानी नैनीताल से 62 करोड़ रुपये अधिक राजस्व की वसूली की गई। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि यदि दुकानें लाटरी के बाद खुल गई तो लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
अब महंगे पड़ेंगे शराब के जाम
शराब के शौकीनों की जेब अब जल्द की ढीली हो जाएगी। शासन की ओर से राजस्व लक्ष्य बढ़ाने के कारण अंग्रेजी शराब 10 से 15 फीसदी तक महंगे होने की संभावना है। देशी शराब के बारे में अभी कोई रेट का निर्धारण नहीं हुआ है।
अब बार की लाइसेंस फीस बढ़ने के कारण जाम लड़ाना महंगा पड़ेगा। नई आबकारी नीति के तहत बार की फीस के साथ खाने पर टैक्स पर भी शासन ने बढ़ोत्तरी कर दी है। इधर, शराब के शौकीन कीमत बढ़ने की संभावना को देखते हुए खरीदारी अधिक कर रहे हैं। इधर दुकानदार भी शराब की पेटियां गोपनीय स्थानों पर सुरक्षित करने में जुट गए हैं।