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केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय जू योजना की समीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:51 PM IST
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जावडेकर
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सर्किट हाउस में शाम को वनाधिकारियों के साथ समीक्षा मीटिंग की। इसमें प्रस्तावित योजनाओं के बारे में विस्तार से बातचीत की। इसमें हल्द्वानी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने वनाधिकारियों से योजना के स्वरूप को समझने के साथ आवश्यक मदद करने का भी आश्वासन दिया।
जू के सीईओ व तराई पूर्वी वन प्रभाग डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि करीब चार सौ हेक्टेयर में प्रस्तावित चिड़ियाघर को सफारी की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसमें वन्यजीवों के लिए रेस्क्यू सेंटर भी होगा। केंद्रीय मंत्री ने अन्य प्रस्तावित योजनाएं, उनका स्टेटस आदि के बारे में भी अधिकारियों से पूछा।
इस दौरान मेडिकल कालेज का प्रबंधन टीबी एवं चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष डा. आरजी नौटियाल के निर्देशन में केंद्रीय मंत्री से मिला और कालेज के वन भूमि हस्तांतरण का कार्य जल्द कराने का अनुरोध किया। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण न होने कालेज के सामने आ रही दिक्कतों को भी बताया। केंद्रीय मंत्री ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मेडिकल कालेज प्रबंधन को दिया। ज्ञात हो कि वन विभाग के अधीन चलने वाले उत्तराखंड फारेस्ट हास्पिटल ट्रस्ट को बिना वन भूमि हस्तांतरित किये भंग किये बगैर चिकित्सा शिक्षा को सौंप दिया गया।
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इसके बाद से वन भूमि का पेच लगा हुआ है। इस दौरान डीएफओ सनातन, डा. चंद्रशेखर सनवाल, एसडीओ यूसी तिवारी समेत बड़ी संख्या में वनाधिकारी मौजूद थे। बाद में केंद्रीय मंत्री रानीखेत एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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जू के सीईओ व तराई पूर्वी वन प्रभाग डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि करीब चार सौ हेक्टेयर में प्रस्तावित चिड़ियाघर को सफारी की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसमें वन्यजीवों के लिए रेस्क्यू सेंटर भी होगा। केंद्रीय मंत्री ने अन्य प्रस्तावित योजनाएं, उनका स्टेटस आदि के बारे में भी अधिकारियों से पूछा।
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इस दौरान मेडिकल कालेज का प्रबंधन टीबी एवं चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष डा. आरजी नौटियाल के निर्देशन में केंद्रीय मंत्री से मिला और कालेज के वन भूमि हस्तांतरण का कार्य जल्द कराने का अनुरोध किया। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण न होने कालेज के सामने आ रही दिक्कतों को भी बताया। केंद्रीय मंत्री ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मेडिकल कालेज प्रबंधन को दिया। ज्ञात हो कि वन विभाग के अधीन चलने वाले उत्तराखंड फारेस्ट हास्पिटल ट्रस्ट को बिना वन भूमि हस्तांतरित किये भंग किये बगैर चिकित्सा शिक्षा को सौंप दिया गया।
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इसके बाद से वन भूमि का पेच लगा हुआ है। इस दौरान डीएफओ सनातन, डा. चंद्रशेखर सनवाल, एसडीओ यूसी तिवारी समेत बड़ी संख्या में वनाधिकारी मौजूद थे। बाद में केंद्रीय मंत्री रानीखेत एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।