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कार्मिकों के वेतन को आयकर के दायरे में लाने के मामले पर सुनवाई 2 जनवरी से
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प्रतीकात्मक फोटो
नैनीताल। हाईकोर्ट ने सरकारी और गैर सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन को आयकर के दायरे में लाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए दो जनवरी की तिथि नियत की है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी ओपी खंडूरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार की ओर से सभी सरकारी व गैर सरकारी विभागों में कार्यरत तथा सेवानिवृत कर्मचारियों से आयकर विभाग के माध्यम से इनकम टैक्स लिया जा रहा है।
याचिका में कहा कि यह संविधान के विरुद्ध है। याचिकाकर्ता का कहना था कि कर्मचारियों को प्रतिमाह जो वेतन दिया जाता है वह उसका पूरे माह में किए गए पारिश्रमिक का प्रतिफल है। इस पर आयकर लगाना गलता है। याचिकाकर्ता का कहना था कि जिस तरह देश के राष्ट्रपति, सांसद, विधायक, राज्यपाल को मिलने वाला वेतन आयकर की परिधि से बाहर है उसी प्रकार सरकारी व गैर सरकारी सहित सभी कार्मिकों को मिलने वाले वेतन को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 जनवरी की तिथि नियत की।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी ओपी खंडूरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार की ओर से सभी सरकारी व गैर सरकारी विभागों में कार्यरत तथा सेवानिवृत कर्मचारियों से आयकर विभाग के माध्यम से इनकम टैक्स लिया जा रहा है।
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याचिका में कहा कि यह संविधान के विरुद्ध है। याचिकाकर्ता का कहना था कि कर्मचारियों को प्रतिमाह जो वेतन दिया जाता है वह उसका पूरे माह में किए गए पारिश्रमिक का प्रतिफल है। इस पर आयकर लगाना गलता है। याचिकाकर्ता का कहना था कि जिस तरह देश के राष्ट्रपति, सांसद, विधायक, राज्यपाल को मिलने वाला वेतन आयकर की परिधि से बाहर है उसी प्रकार सरकारी व गैर सरकारी सहित सभी कार्मिकों को मिलने वाले वेतन को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 जनवरी की तिथि नियत की।
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