फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   The land of the Northern Himalayas shook approximately 200 times every year in 27 years

Exclusive: हर साल उत्तरी हिमालय में 200 बार डोली धरती, चार से अधिक मैग्नीट्यूट के वर्ष में 2-3 बार आ रहे भूकंप

Sat, 31 May 2025 10:44 AM IST
हीरा मेहरा राजीव कुमार पांडेय, अमर उजाला
राजीव कुमार पांडेय, अमर उजाला Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 31 May 2025 10:44 AM IST
सार

प्रो. संतोष जोशी के अनुसार उन्होंने केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से ''एक्टिव टेक्टोनिक्स ऑफ गढ़वाल-कुमाऊं हिमालया'' विषय पर शोध किया। इसमें दो से तीन बार चार से अधिक मैग्नीट्यूट भूकंप के झटके लगे, जिनमें हल्के भूकंप की संख्या अधिक है। 

विज्ञापन
The land of the Northern Himalayas shook approximately 200 times every year in 27 years
Earthquake

विस्तार

उत्तरी हिमालय की धरती 27 वर्ष में हर साल तकरीबन 200 बार डोली। इसमें दो से तीन बार चार से अधिक मैग्नीट्यूट भूकंप के झटके लगे, जिनमें हल्के भूकंप की संख्या अधिक है। इनकी गहराई 10 से 20 किमी अंदर थी। यह खुलासा कुमाऊं विवि के जियोलॉजी विभाग के डॉ. संतोष जोशी के शोध में हुआ है।

विज्ञापन

डॉ. संतोष जोशी के अनुसार उन्होंने केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से ''एक्टिव टेक्टोनिक्स ऑफ गढ़वाल-कुमाऊं हिमालया'' विषय पर शोध किया। इसके तहत 1991 से 2018 के बीच के भूकंप के आंकड़े एकत्र किए। इस दौरान दो से चार मैग्नीट्यूट और उससे अधिक के करीब 4200 भूकंप के झटके रिकॉर्ड किए गए। कुछ वर्ष पूर्व पश्चिमी नेपाल में छह मैग्नीट्यूट का एक भूकंप दर्ज किया गया है।

विज्ञापन

डॉ. जोशी के अनुसार .2 से कम तीव्रता के भूकंप और अधिक होते लेकिन वाहनों के आवागमन के कंपन की वजह से इनको आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन क्षेत्रों में किया गया शोध
उत्तरी हिमालय क्षेत्र के धारचूला, चमोली, कपकोट, मुनस्यारी, रुद्रप्रयाग और भारत की सीमा से सटे वेस्टर्न नेपाल के भूकंप के आंकड़े जुटाए गए हैं। इस क्षेत्र को मेन सेंट्रल थ्रस्ट (एमसीटी) नाम दिया गया है। इसको हिमालयन सिस्मिक बेल्ट भी कहा गया है।

प्रदेश में 11 स्थानों पर लगीं हैं सिस्मोग्राफ मशीन
भूकंप की तीव्रता मापने के लिए प्रदेश में 11 स्थानों पर सिस्मोग्राफ मशीनें लगाई गईं हैं। मासी (चौखुटिया), देवाल, थराली (चमोली), कपकोट (बागेश्वर), मुनस्यारी, जौलजीबी, पांगला, पिथौरागढ़, चंपावत, रानीखेत और नैनीताल में मशीनें लगीं हैं। पहले यहां पुरानी तकनीक की मशीनें थीं। अब इन्हें उन्नत किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed