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...तो सौ साल में पहली बार सुरई रेंज पहुंचे गजराज

Tue, 06 Sep 2016 12:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Tue, 06 Sep 2016 12:33 PM IST
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... The first time in over a century Suri arrived elephant range
elephant group block road - फोटो : amar ujala
तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई रेंज में हाथी देखे गये हैं। हाथियों के सुरई रेंज में पहुंचने के व्यवहार से वनाधिकारी भी चकरा गये हैं। इसमें एक हाथी सुरई रेंज से होते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज में भी पहुंच गया है। उत्तराखंड वन विभाग ने यूपी के फारेस्ट डिपार्टमेंट में एलर्ट करने के साथ टीमों को हाथियों के पीछे लगाया है। वनाधिकारियों के अनुसार 90 से 100 सालों के बीच शायद ही कभी हाथी यहां पर रिपोर्ट हुआ हो, ऐसा शायद किसी को याद हो।
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तराई पूर्वी वन प्रभाग के किलपुरा रेंज हाथियों से भरा हुआ है। इसके अलावा खटीमा रेंज में भी हाथियों की संख्या है। लेकिन, सुरई रेंज में बाघ, तेंदुआ समेत दूसरे वन्यजीव रिपोर्ट हुये, लेकिन हाथी कभी नहीं देख गये। उप प्रभागीय वनाधिकारी एनसी पंत कहते हैं कि हाथियों को सुरई के जंगल में पहुंचना अचरज की बात है। करीब सौ साल पहले शारदा बैराज बना है, इसके बाद से शायद ही किसी को याद हो कि हाथी यहां पर पहुंचे हो। वन विभाग की कार्य योजनाओं में भी कोई उल्लेख नहीं मिला है।
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पहली बार तीन हाथी को देखा गया है। यह हाथी संभवत: खटीमा रेंज से पहुंचने की संभावना सबसे ज्यादा है। यह खारिज नहर के पास लालकोठी और सतना गांव से होते हुये गये हैं। इसमें एक हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज में भी पहुंच गया है, यूपी के वन विभाग की टीम को एलर्ट करने के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। टीम लगातार हाथी पर नजर रखे हुये हैं। 
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संरक्षण और वास स्थल सुधार के प्रयास जंगल में किये गये हैं, हाथियों का पहुंचना उसका संकेत भी हैं। बहरहाल, हाथियों की सुरक्षा के अलावा मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति न आये, इसके लिये भी आवश्यक कदम उठाने को संबंधित डीएफओ को निदेशित किया गया है। हाथियों के पहुंचने के कारणों को जानने के लिये वन्यजीव विशेषज्ञों से वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। 

डा. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त

ग्रामीणों में भय बना
खटीमा। जगल से लगी ग्राम सभा ऊंची महुवट संतना में हाथियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। किलपुरा रेंज आरओ आरके मौर्य, वन दरोगा जशोद सिंह ने हाथियों के पद चिन्ह देखे जाने की बात बताई है। पूर्व ग्राम प्रधान लीला चंद ने बताया कि खटीमा से लगी ग्रामसभा संतना तक सुरई रेंज लगा है। यहां हाथियों के पहुंचने से चिंता बढ़ गई है। हाथी किलपुरा रेंज, सैनापानी, खटीमा रेंज के नखाताल आदि किस जगह से पक्की तौर पर पहुंचे हैं, उस रूट का पता करने में लगे हैं।
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