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यात्रियों का अंतिम दल कैलाश्ा मानसरोवर के लिए रवाना 

Thu, 20 Oct 2016 07:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी। Updated Thu, 20 Oct 2016 07:11 PM IST
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The final group of passengers rushed to Kailash Mansarovar
कैलाश्‍ा मानसराेवर यात्री - फोटो : अमर उजाला

कैलास मानसरोवर के लिए 38 यात्रियों के 18वें और अंतिम जत्थे को आईजी संजय गुंज्याल के साथ हल्द्वानी टीआरसी से धूमधाम के साथ रवाना किया गया। यात्रियों का पर्यटन अधिकारियों के अलावा एसएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी स्वागत किया। 

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18वें दल के काठगोदाम स्थित टीआरसी में पहुंचने पर पर्यटन विभाग की तरफ से बुके देकर स्वागत किया गया। यहां स्वागत गान से पूरा परिसर शिवमय हो गया। यात्रियों के अंतिम दल के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आईजी संजय गुंज्याल को एलओ (लायजनिंग ऑफिसर) नियुक्त किया गया है। भोजन और अल्प विश्राम के बाद दल अल्मोड़ा के लिए रवाना हो गया।
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यात्रियों में उत्तराखंड के छह यात्रियों के अलावा दिल्ली के चार, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, पश्चिमी बंगाल के एक-एक, कर्नाटक के दो, मध्यप्रदेश के चार, महाराष्ट्र के चार, उड़ीसा के पांच, राजस्थान के चार, तमिलनाडु के दो और उत्तर प्रदेश के तीन यात्री शामिल हैं।
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इस मौके पर पर्यटन विभाग के जीएम टीएस मर्तोलिया, प्रबंधक रमेश चंद्र पांडे, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान, सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी और काठगोदाम थानाध्यक्ष केआर पांडे आदि थे। 

पेरिस में उत्तराखंड की ट्रैकिंग का रोमांच 

यात्रियों के दल में शामिल देहरादून के जगजीत उनियाल ने बताया कि वह पेरिस में पर्यावरण पर शोध कर रहे हैं। पेरिस में चार हजार मीटर तक ट्रैकिंग हैं, वहीं उत्तराखंड में ट्रैकिंग का बेस ही चार हजार मीटर से है।

अर्थात पेरिस में जहां ऊंचाई चार हजार है, जबकि उत्तराखंड में चार हजार मीटर ऊंचाई पर ट्रैकिंग की शुरूआत होती है। इस कारण पेरिस के युवकों में उत्तराखंड के प्रति काफी रोमांच हैं। यही कारण है कि पेरिस के लोग यहां ट्रैकिंग के लिए आते हैं। 

डेनमार्क में हिंदू धर्म के प्रति आस्था 

कैलास मानसरोवर यात्रा दल में शामिल वडोदरा (गुजरात) के रहने वाले प्रतीक उपाध्याय डेनमार्क में फार्मेसी पर शोध कर रहे हैं। प्रतीक ने बताया कि डेनमार्क में हिंदू धर्म के प्रति काफी आस्था है।

यहां आरएसएस का संगठन है, लेकिन डेनमार्क में इसकी जगह एचएचएस नाम से हिंदुओं का संगठन है। धर्म के प्रति लगाव के चलते ही वह कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए निकले हैं। 

प्रदेश के लिए पर्यटन काफी लाभकारी
आईजी संजय गुंज्याल कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए एलओ नियुक्त होने पर काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए प्रत्येक पर्यटक कम से कम एक लाख 90 हजार रुपये खर्च करता है। पर्यटकों के पैसे से प्रदेश के बेरोजगार लोगों को भी रोजगार मिलता है। पर्यटन प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था के लिए काफी जरूरी है। 

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