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Nainital News: शादी से पहले केंद्र करेगा संवाद ताकि फिर घर न हो बर्बाद
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नैनीताल। शादी से पहले युवाओं को मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से तैयार करने के लिए प्रदेश के 52 ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया है। इससे वह युवाओं को शादी से पूर्व वैवाहिक जीवन में आने वाली चुनौतियों की जानकारी देंगे।
राष्ट्रीय महिला आयोग और सेतु आयोग की ओर से कुमाऊं विश्वविद्यालय के देवदार सभागार में बुधवार को ‘तेरे मेरे सपने’ कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि रहे सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने कहा कि आज की आधुनिकता भरी जीवनशैली से हमारी वैवाहिक जीवन की समृद्ध परंपरा प्रभावित हो रही है। ऐसे में विवाह पूर्व संचार केंद्र के संचालन की योजना बनाई गई है। वर्तमान में देश के 11 राज्यों में 58 केंद्र का संचालन किया जा रहा है। कुमाऊं विवि के सहयोग से उत्तराखंड में पहली बार यह कार्यशाला हुई है। जल्द ही राज्य के 13 जिलों के सेंटर को संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चंपावत और उत्तरकाशी में सेंटर खोलने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सेतु आयोग के सीनियर रिसर्चर एसएस सेनापति ने ट्रेनरों को महिला कानूनों व मैरिज एक्ट की जानकारी दी। इसमें मैरिज एक्ट के पंजीकरण, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, लैंगिक समानता, पॉक्सो एक्ट, दहेज प्रथा अपराध आदि की जानकारी दी गई। महिला आयोग की शालिनी प्रभाकर ने मुस्लिम पर्सनल लॉ, स्पेशल मैरिज, हक मेहर आदि की जानकारी दी। दो दिनों तक हुई इस कार्यशाला में ट्रेनरों को प्री-मैरिज कम्युनिकेशन सेंटर और काउंसिलिंग की जानकारी दी गई। इस मौके पर महिला आयोग की एडवाइजर डॉ. भावना सिंधे, प्रो. नीता बोरा शर्मा, डॉ. किरन तिवारी, प्रो. नीलू लोधियाल, डॉ. शशि पांडे, डॉ. रीना सिंह आदि रहीं।
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राष्ट्रीय महिला आयोग और सेतु आयोग की ओर से कुमाऊं विश्वविद्यालय के देवदार सभागार में बुधवार को ‘तेरे मेरे सपने’ कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि रहे सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने कहा कि आज की आधुनिकता भरी जीवनशैली से हमारी वैवाहिक जीवन की समृद्ध परंपरा प्रभावित हो रही है। ऐसे में विवाह पूर्व संचार केंद्र के संचालन की योजना बनाई गई है। वर्तमान में देश के 11 राज्यों में 58 केंद्र का संचालन किया जा रहा है। कुमाऊं विवि के सहयोग से उत्तराखंड में पहली बार यह कार्यशाला हुई है। जल्द ही राज्य के 13 जिलों के सेंटर को संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चंपावत और उत्तरकाशी में सेंटर खोलने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सेतु आयोग के सीनियर रिसर्चर एसएस सेनापति ने ट्रेनरों को महिला कानूनों व मैरिज एक्ट की जानकारी दी। इसमें मैरिज एक्ट के पंजीकरण, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, लैंगिक समानता, पॉक्सो एक्ट, दहेज प्रथा अपराध आदि की जानकारी दी गई। महिला आयोग की शालिनी प्रभाकर ने मुस्लिम पर्सनल लॉ, स्पेशल मैरिज, हक मेहर आदि की जानकारी दी। दो दिनों तक हुई इस कार्यशाला में ट्रेनरों को प्री-मैरिज कम्युनिकेशन सेंटर और काउंसिलिंग की जानकारी दी गई। इस मौके पर महिला आयोग की एडवाइजर डॉ. भावना सिंधे, प्रो. नीता बोरा शर्मा, डॉ. किरन तिवारी, प्रो. नीलू लोधियाल, डॉ. शशि पांडे, डॉ. रीना सिंह आदि रहीं।
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