छात्रसंघ चुनाव में भगवानों के सहारे नैया
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एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होने लगी है। संभावित प्रत्याशी तकनीक के साथ ही चुनाव में भगवानों का सहारा लेने से भी नहीं चूक रहे हैं।
संभावित प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव होने में भले ही डेढ़ महीने से अधिक का समय बचा हो, लेकिन संभावित प्रत्याशी अभी से ही कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
पूरे दिन भर कॉलेज में घूमकर प्रचार करने के साथ ही प्रत्याशी तकनीक और पारंपरिक दोनों ही उपायों का सहारा लेने से नहीं चूक रहे हैं।
प्रत्याशी और उनके समर्थक फेसबुक, व्हाट्स एप और एसएमएस से तो प्रचार कर ही रहे हैं, साथ ही स्टीकर चिपकाकर हनुमान चालीसा आदि की पुस्तकें भी बांट रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो इस बार छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं। कमोबेश ऐसी ही संख्या छात्रसंघ के अन्य पदों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की भी बताई जा रही है।
इस बार छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों की भीड़ के चलते सभी प्रत्याशी अभी से ही एड़ीचोटी का जोर लगा रहे हैं। संभावित प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक कर विद्यार्थियों को रिझाने की पूरी कोशिश में जुटे हैं।
चुनावी विसात बिछने के साथ ही चुनाव प्रचार के लिए अपनाई जा रही यह तरकीबें विद्यार्थियों के साथ ही प्रोफेसरों के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
ट्विटर पर नहीं कोई हलचल
माना जाता है कि युवाओं का बड़ा हिस्सा ट्विटर पर मौजूद है। चाहे निकाय चुनाव हो या फिर विधानसभा से लेकर लोकसभा का चुनाव सभी में नेता युवाओं को रिझाने के लिए ट्विटर को माध्यम बनाते हैं। लेकिन छात्रसंघ चुनाव में अभी तक छात्रसंघ प्रत्याशियों ने ट्विटर के माध्यम से चुनाव प्रचार शुरू नहीं किया है।