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छात्रवृत्ति घोटाले की जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी।
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:29 AM IST
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हल्द्वानी। दशमोत्तर छात्रवृत्ति में मेवाड़ यूनिवर्सिटी में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच समाज कल्याण निदेशक ने उपनिदेशक को दी है। उपनिदेशक ने सभी समाज कल्याण अधिकारियों से दशमोत्तर छात्रवृत्ति में किए गए भुगतान का विवरण दो दिन में देने को कहा है। विवरण को क्रास चेक करने के लिए आईटी सेल से भी रिकार्ड मांगे गए हैं। उपनिदेशक का दावा है कि नैनीताल के 186 छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि उत्तरकाशी के 27 बच्चों के भुगतान को लेकर असमंजस है।
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बृहस्पतिवार को विजिलेंस ने छात्रवृत्ति हड़पने की साजिश का भंडाफोड़ करते हुए एक जालसाज को गिरफ्तार किया था। नैनीताल और उत्तरकाशी में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और कारपोरेशन बैंक गाजियाबाद के प्रबंधक समेत 11 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने बताया कि मामले की जांच उपनिदेशक समाज कल्याण जीआर नौटियाल को दी गई है। नौटियाल ने बताया कि विभिन्न प्रांतों में रहकर पढ़ाई करने वाले राज्य के छात्रों को उक्त योजना का लाभ दिया जाता है।
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ये लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि नैनीताल के 186 छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि उत्तरकाशी में आनलाइन भुगतान का ब्योरा नहीं दिखाई पड़ रहा है मगर जानकारी मिल रही है कि भुगतान हो चुका है। उत्तरकाशी को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना मुश्किल है। कहा कि 13 जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों से उक्त योजना के तहत दी गई धनराशि वितरण का विवरण मांगा गया है। आईटी सेल से मिलने वाले विवरण से क्रास चेक भी किया जाएगा। सभी को दो दिन के भीतर विवरण देने को कहा गया है। नौटियाल ने बताया कि सोमवार तक जांच पूरी हो जाएगी।
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