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Uk: नैनीताल में बर्फबारी की फिलहाल उम्मीद नहीं, चक्र बदलने का सर्द मौसम पर पड़ रहा असर

Sun, 28 Dec 2025 11:25 AM IST
गायत्री जोशी अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: गायत्री जोशी Updated Sun, 28 Dec 2025 11:25 AM IST
सार

नैनीताल में विभिन्न कारणों से मौसम का चक्र बदलने का असर सर्द मौसम पर भी पड़ रहा है। इसी वजह से सर्द मौसम भी आगे की ओर बढ़ गया है। फिलहाल प्रतिकूल मौसम व बर्फबारी के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

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Snowfall is not expected in Nainital for the time being
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

नैनीताल में विभिन्न कारणों से मौसम का चक्र बदलने का असर सर्द मौसम पर भी पड़ रहा है। इसी वजह से सर्द मौसम भी आगे की ओर बढ़ गया है। फिलहाल प्रतिकूल मौसम व बर्फबारी के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस कारण संभावना जताई जा रही है कि सर्द मौसम शिफ्टिंग के चलते अगले महीने जनवरी में ठंड बढ़ सकती है।

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आम तौर पर दिसंबर व जनवरी के मौसम को सर्द मौसम के रूप में जाना जाता है। फरवरी में बसंत ऋतु आने के बाद ठंड का उतना असर नहीं होता था इसीलिए पूर्व में नैनीताल के निजी शिक्षण संस्थान नवंबर में बंद हो जाते थे, जो अब एक माह आगे बढ़ गए हैं। अब अधिकांशत: दिसंबर में ठंड भी अपेक्षाकृत कम हुई है। बीते लगभग छह वर्षों के सर्द मौसम पर नजर डालें तो वर्ष 2019 में 13 दिसंबर, 2021 में 25 दिसंबर, 28 दिसंबर और वर्ष 2024 में 9 दिसंबर को नैनीताल में बर्फबारी हुई, जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सीमित रही। शहर आदि में हल्के फाहे आदि गिरे। फिर मौसम सामान्य हो गया।

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एरीज वैज्ञानिक बोले : बारिश की तर्ज पर शिफ्ट हुआ सर्द मौसम

एरीज के मौसम वैज्ञानिक डा. नरेंद्र सिंह बताते हैं कि इस वर्ष सितंबर समेत अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक बारिश रही। इसी तर्ज पर सर्द मौसम भी शिफ्ट हुआ है। बीच में पश्चिमी विक्षोभ हल्का सक्रिय हुआ था, लेकिन असरदार नहीं रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक ही जा रहा है जबकि लगभग तीन से चार दिन आसमान बादलों से घिरा होेने तथा तापमान दो से तीन डिग्री और कभी शून्य जाने पर बर्फबारी आदि की संभावनाएं बन सकती हैं। अभी फिलहाल विक्षोभ के सक्रिय रहने पर इसके 2000 मीटर की ऊंचाई तक आने की संभावनाएं भी कम हैं। कुछ दिनों के बाद मौसम के आंशिक परिवर्तन तथा सेटेलाइट इमेज के आधार पर ही कुछ पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।

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