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छह माह बाद भी हल्द्वानी से बेरीनाग नहीं पहुंचा पार्सल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:52 PM IST
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डाक विभाग की लापरवाही के कारण लोनिवि के मृतक अधिशासी अभियंता की जीपीएफ पासबुक छह महीने बाद भी हल्द्वानी से बेरीनाग नहीं पहुंच सकी है। अभियंता के परिजनों व लोनिवि द्वारा संबधित पोस्टमास्टर से लेकर प्रवर डाक अधीक्षक तक शिकायत करने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आरटीओ रोड कुसुमखेड़ा निवासी सुनीता टम्टा पत्नी स्व. प्रहलाद टम्टा के अनुसार उनके पति बेरीनाग लोनिवि विभाग में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत थे। 7 अक्टूबर 2015 को उनकी मृत्यु के बाद लोनिवि हल्द्वानी कार्यालय द्वारा 31अक्टूबर को उनकी जीपीएफ पासबुक डाक विभाग की पार्सल सेवा के माध्यम से बेरीनाग को भेजी गई लेकिन छह माह का समय बीतने के बाद भी पासबुक बेरीनाग नहीं पहुंची। सुनीता द्वारा प्रधान डाकघर में संपर्क करने पर जानकारी मिली कि पासबुक की मुरादाबाद तक डिलीवरी हुई है उसके बाद पासबुक कहां गई इसके बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है।
फरवरी माह में प्रवर डाक अधीक्षक नैनीताल को भी पत्र प्रेषित किया गया है लेकिन उनके द्वारा भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुनीता का कहना है पासबुक की जांच पड़ताल को लेकर डाक विभाग के अधिकारियों से कई बार मुलाकात कर चुकी हैं पर हर बार जांच किये जाने का ही आश्वासन मिल रहा है।
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मामले की पूरी जानकारी नहीं है। विभाग में इस तरह के छोटे बड़े कई मामले आते हैं हर मामले की जानकारी अंगुलियों में नहीं रखी जा सकती है। पासबुक पार्सल करने वाले डाकघर को इसकी जानकारी देनी चाहिये।
टीआर आर्य , डाक अधीक्षक
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आरटीओ रोड कुसुमखेड़ा निवासी सुनीता टम्टा पत्नी स्व. प्रहलाद टम्टा के अनुसार उनके पति बेरीनाग लोनिवि विभाग में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत थे। 7 अक्टूबर 2015 को उनकी मृत्यु के बाद लोनिवि हल्द्वानी कार्यालय द्वारा 31अक्टूबर को उनकी जीपीएफ पासबुक डाक विभाग की पार्सल सेवा के माध्यम से बेरीनाग को भेजी गई लेकिन छह माह का समय बीतने के बाद भी पासबुक बेरीनाग नहीं पहुंची। सुनीता द्वारा प्रधान डाकघर में संपर्क करने पर जानकारी मिली कि पासबुक की मुरादाबाद तक डिलीवरी हुई है उसके बाद पासबुक कहां गई इसके बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है।
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फरवरी माह में प्रवर डाक अधीक्षक नैनीताल को भी पत्र प्रेषित किया गया है लेकिन उनके द्वारा भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुनीता का कहना है पासबुक की जांच पड़ताल को लेकर डाक विभाग के अधिकारियों से कई बार मुलाकात कर चुकी हैं पर हर बार जांच किये जाने का ही आश्वासन मिल रहा है।
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मामले की पूरी जानकारी नहीं है। विभाग में इस तरह के छोटे बड़े कई मामले आते हैं हर मामले की जानकारी अंगुलियों में नहीं रखी जा सकती है। पासबुक पार्सल करने वाले डाकघर को इसकी जानकारी देनी चाहिये।
टीआर आर्य , डाक अधीक्षक