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कल से डूब क्षेत्र के गांवों में होगा एसआईए
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प्रतीकात्मक फोटो
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना निर्माण से पूर्व डूब क्षेत्रवासियों का पुनर्वास किया जाना है। पुनर्वास लारा एक्ट के तहत होगा। लाला एक्ट के तहत विस्थापितों को मौजूदा सभी सुविधाएं और यथासंभव सांस्कृतिक, सामाजिक परिवेश देना सुनिश्चित कराना है। इसके लिए डूब क्षेत्र का सोशल इपैक्ट असेसमेंट (एसआईए) किया जाना है। इसके लिए मेनटेक कंपनी को अधिकृत किया गया है। 22 जनवरी से डूब क्षेत्र में सीआईए शुरू हो जाएगा। यह करीब दो महीने तक चलेगा।
जमरानी बांध परियोजना खंड के अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल ने बताया कि जमरानी बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे ग्राम वासियों का सोशल इंपैक्ट असेसमेंट होना है। एसआईए लारा एक्ट के तहत कराया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बांध विस्थापितों को भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 (लारा 2013) के तहत विशेष सुविधाएं दी जानी हैं। जमरानी बांध के डूब क्षेत्र के सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट (एसआईए) के लिए मेनटेक कंपनी को अधिकृत किया गया है। कंपनी 22 जनवरी से एसआईए का काम शुरू कर दिया है। एसआईए के तहत डूब क्षेत्र और निचले क्षेत्र के प्रभावितों का सामाजिक अध्ययन किया जाएगा। एसआईए में क्षेत्रवासियों की संस्कृति, रीतिरिवाज, सहन-सहन, खानपान, चाल-चलन, पहनावा, दिनचर्या, मौजूदा रोजगार के साधन, कृषि उपज, निवास कर रही जातियां, उपजातियां, रिश्ते, नाते आदि का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इन सभी बिंदुओं को अलग-अलग वर्गीकृत किया जाएगा।
लारा एक्ट के तहत विस्थापित होने वालों को यह मिल सकते हैं लाभ
- लारा एक्ट के तहत विस्थापित होने वाले लोगों को मौजूदा सर्किल रेट से चार गुना तक भूमि का मुआवजा।
- सिंचाई योजना में भूमि लिए जाने पर भूमि के बदले भूमि।
- बेरोजगारों को विशेष भत्ता, पशुशाला शिफ्ट करने पर उसका मुआवजा।
- जिस भवन से विस्थापित हो रहे हैं उसके निर्माण का लागत मूल्य।
- मंदिर आदि के विस्थापन की व्यवस्था करना आदि
- स्कूल, पंचायत घर, अस्पताल, सड़क, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था करना।
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जमरानी बांध परियोजना खंड के अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल ने बताया कि जमरानी बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे ग्राम वासियों का सोशल इंपैक्ट असेसमेंट होना है। एसआईए लारा एक्ट के तहत कराया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बांध विस्थापितों को भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 (लारा 2013) के तहत विशेष सुविधाएं दी जानी हैं। जमरानी बांध के डूब क्षेत्र के सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट (एसआईए) के लिए मेनटेक कंपनी को अधिकृत किया गया है। कंपनी 22 जनवरी से एसआईए का काम शुरू कर दिया है। एसआईए के तहत डूब क्षेत्र और निचले क्षेत्र के प्रभावितों का सामाजिक अध्ययन किया जाएगा। एसआईए में क्षेत्रवासियों की संस्कृति, रीतिरिवाज, सहन-सहन, खानपान, चाल-चलन, पहनावा, दिनचर्या, मौजूदा रोजगार के साधन, कृषि उपज, निवास कर रही जातियां, उपजातियां, रिश्ते, नाते आदि का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इन सभी बिंदुओं को अलग-अलग वर्गीकृत किया जाएगा।
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लारा एक्ट के तहत विस्थापित होने वालों को यह मिल सकते हैं लाभ
- लारा एक्ट के तहत विस्थापित होने वाले लोगों को मौजूदा सर्किल रेट से चार गुना तक भूमि का मुआवजा।
- सिंचाई योजना में भूमि लिए जाने पर भूमि के बदले भूमि।
- बेरोजगारों को विशेष भत्ता, पशुशाला शिफ्ट करने पर उसका मुआवजा।
- जिस भवन से विस्थापित हो रहे हैं उसके निर्माण का लागत मूल्य।
- मंदिर आदि के विस्थापन की व्यवस्था करना आदि
- स्कूल, पंचायत घर, अस्पताल, सड़क, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था करना।