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शेल्टर होम में लोगों ने खाने से किया इंकार, घर भेजने की कर रहे हैं मांग
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प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। स्टेडियम में बनाए गए शेल्टर होम में रुके लोगों ने रविवार को घर जाने की मांग को लेकर भोजन करने से इंकार कर दिया। अधिकारियाें के समझाने पर वह माने और उन्होंने भोजन किया।
शेल्टर होम में 300 से अधिक लोगों को क्वारंटीन कराया गया है। इनमें कई लोगों की 14 दिन क्वारंटीन की अवधि पूरी हो चुकी है। रविवार को कुछ लोगों ने घर जाने की मांग करते हुए खाना खाने से इंकार कर दिया। शेल्टर होम में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए।
लोगों की मांग थी कि अगर घर नहीं भेजा जा सकता है तो घर के आसपास के लोगों के साथ रख दिया जाए। ताकि छोटे समूह में बंट जाए। व्यवस्था में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें समझाबुझाकर खाना खिलाया। शाम को नाश्ता भी कराया।
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सोशल मीडिया पर लगा रहे गुहार
शेल्टर होम में मौजूद लोग अपनी व्यथा सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं। चंपावत निवासी एक युवक की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उसने अपनी व्यथा जाहिर की है।
मेरे पास लोगों के खाना न खाने की सूचना आई थी। 14 दिन पूरे होने के बाद लोग घर जाने की बात को लेकर बेचैन हो रहे हैं। शासन और प्रशासन के निर्णय के अनुरूप ही काम होगा। - एके कटारिया नोडल अधिकारी
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शेल्टर होम में 300 से अधिक लोगों को क्वारंटीन कराया गया है। इनमें कई लोगों की 14 दिन क्वारंटीन की अवधि पूरी हो चुकी है। रविवार को कुछ लोगों ने घर जाने की मांग करते हुए खाना खाने से इंकार कर दिया। शेल्टर होम में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए।
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लोगों की मांग थी कि अगर घर नहीं भेजा जा सकता है तो घर के आसपास के लोगों के साथ रख दिया जाए। ताकि छोटे समूह में बंट जाए। व्यवस्था में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें समझाबुझाकर खाना खिलाया। शाम को नाश्ता भी कराया।
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सोशल मीडिया पर लगा रहे गुहार
शेल्टर होम में मौजूद लोग अपनी व्यथा सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं। चंपावत निवासी एक युवक की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उसने अपनी व्यथा जाहिर की है।
मेरे पास लोगों के खाना न खाने की सूचना आई थी। 14 दिन पूरे होने के बाद लोग घर जाने की बात को लेकर बेचैन हो रहे हैं। शासन और प्रशासन के निर्णय के अनुरूप ही काम होगा। - एके कटारिया नोडल अधिकारी