नैनीताल। नरेंद्र नगर (टिहरी) के कोडरना गांव में जल संस्थान की ओर से जल जीवन मिशन के तहत सर्वे के विरुद्ध पाइप लाइन बिछाने के मामले में हाईकोर्ट ने टिहरी गढ़वाल के जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर निर्णय लें। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि यदि उनकी समस्या का हल नहीं निकलता है तो वह दोबारा कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोडरना गांव निवासी हिमांशु भट्ट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उनके गांव में जल जीवन मिशन के तहत पानी की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। पहले सर्वे पुरानी वाली पाइप लाइन के आधार पर किया गया था, उसी के अनुसार नई पाइप लाइन बिछाई जानी थी, लेकिन पूर्व ग्राम प्रधान और विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से पाइप लाइन बिछाने का कार्य नई जगह से किया जा रहा है। गांव वालों ने इसका विरोध करते हुए अपना एक प्रत्यावेदन जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारियों को दिया। इसमें कहा गया कि नई पाइप लाइन को पुरानी वाली पाइप लाइन के अनुरूप ही बिछाया जाए लेकिन उनके प्रत्यावेदन पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। याचिकाकर्ता का कहना था कि गांव में पाइप लाइन पुराने सर्वे के अनुसार ही बिछाई जाए।