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हर तीन साल में साफ कराना होगा सेप्टिक टैंक
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प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हर तीन साल में अपना सेप्टिक टैंक साफ कराना अनिवार्य होगा। सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए लोगों को निगम के टोल फ्री नंबर 14420 पर संपर्क करना होगा। शासन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को इसका नोडल बनाया है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज की शुरुआत हो चुकी है। नगर निगम में इसका टोल फ्री नंबर स्थापित हो चुका है। अब नगर निगम सर्वे कर सभी सेप्टिक टैंकों की जानकारी लेगा और इसे साफ्टवेयर में अपडेट करेगा। नगर निगम की ओर से लोगों को सीवर टैंक खाली कराने बाबत स्मरण भी कराया जाएगा।
डॉ. कांडपाल ने बताया कि सेप्टिक टैंक खाली करवाने के लिए लोगों को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। उन्हें निगम के टोल फ्री नंबर पर कॉल करना है। निगम एक निर्धारित राशि लेकर लोगों के टैंक साफ कराएगा। कहा कि सभी सेप्टिक टैंकर वालों को नगर निगम में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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अनियोजित कॉलोनियों में सर्वाधिक सेप्टिक टैंक
शहरी क्षेत्र का दायरा काफी तेजी से बढ़ रहा है। अनियोजित रूप से बसी कॉलोनियों में सीवर लाइन की व्यवस्था न होने की वजह से लोगों ने घरों में सेप्टिक टैंक बनवा रखा है। टैंकों की सफाई तीन साल में होनी चाहिए, लेकिन मकान और प्रतिष्ठान मालिक ओवर फ्लो होने की स्थिति में इसकी सफाई कराते हैं। इससे भू-जल भी प्रदूषित होता है।
सीवरेज से दस गुना ज्यादा प्रदूषित होता है सेप्टिक टैंक का अपशिष्ट
सेप्टिक टैंक से निकलने वाले स्लज और तरल अपशिष्ट सीवरेज के अपशिष्ट से दस गुना ज्यादा प्रदूषित होता है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि प्रतिदिन कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे लोग टोल फ्री नंबर 14420 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत सभी सीवरों और सैप्टिक टैंक की सफाई मशीन से की जानी है।
क्या है सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है सेप्टिक टैंकों और सीवरों की जानलेवा और खतरनाक तरीके से सफाई पर रोक लगाना और सफाई कार्य में मशीन का अधिक से अधिक प्रयोग करना है।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज की शुरुआत हो चुकी है। नगर निगम में इसका टोल फ्री नंबर स्थापित हो चुका है। अब नगर निगम सर्वे कर सभी सेप्टिक टैंकों की जानकारी लेगा और इसे साफ्टवेयर में अपडेट करेगा। नगर निगम की ओर से लोगों को सीवर टैंक खाली कराने बाबत स्मरण भी कराया जाएगा।
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डॉ. कांडपाल ने बताया कि सेप्टिक टैंक खाली करवाने के लिए लोगों को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। उन्हें निगम के टोल फ्री नंबर पर कॉल करना है। निगम एक निर्धारित राशि लेकर लोगों के टैंक साफ कराएगा। कहा कि सभी सेप्टिक टैंकर वालों को नगर निगम में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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अनियोजित कॉलोनियों में सर्वाधिक सेप्टिक टैंक
शहरी क्षेत्र का दायरा काफी तेजी से बढ़ रहा है। अनियोजित रूप से बसी कॉलोनियों में सीवर लाइन की व्यवस्था न होने की वजह से लोगों ने घरों में सेप्टिक टैंक बनवा रखा है। टैंकों की सफाई तीन साल में होनी चाहिए, लेकिन मकान और प्रतिष्ठान मालिक ओवर फ्लो होने की स्थिति में इसकी सफाई कराते हैं। इससे भू-जल भी प्रदूषित होता है।
सीवरेज से दस गुना ज्यादा प्रदूषित होता है सेप्टिक टैंक का अपशिष्ट
सेप्टिक टैंक से निकलने वाले स्लज और तरल अपशिष्ट सीवरेज के अपशिष्ट से दस गुना ज्यादा प्रदूषित होता है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि प्रतिदिन कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे लोग टोल फ्री नंबर 14420 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत सभी सीवरों और सैप्टिक टैंक की सफाई मशीन से की जानी है।
क्या है सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है सेप्टिक टैंकों और सीवरों की जानलेवा और खतरनाक तरीके से सफाई पर रोक लगाना और सफाई कार्य में मशीन का अधिक से अधिक प्रयोग करना है।