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स्कूल खेल रहे कमीशन का ‘खेल’
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:35 AM IST
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पब्लिक स्कूलों में कमीशन का खेल चल रहा है। एनसीईआरटी की कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक की किताबों के साथ ही पब्लिक स्कूलों ने प्राइवेट प्रकाशकों की किताबों को भी कोर्स में लगा रखा है। नतीजा अभिभावक महंगी किताबें खरीदने को मजबूर हैं। केवल केंद्रीय विद्यालय में ही एनसीईआरटी की किताबें कोर्स में लगाई गई हैं। इसके पीछे स्कूलों के अपने तर्क हैं।
पब्लिक स्कूलों ने ऐसे प्रकाशकों की किताबों को प्राथमिकता दी हैै, जिनके दाम अधिक हैं। कक्षा एक की किताबों के दाम 150 से 300 रुपये हैं। वहीं एनसीईआरटी की पुस्तकें इनकी तुलना में कहीं सस्ती हैं। एनसीईआरटी की कक्षा एक की हिंदी, अंग्रेजी और गणित की तीनों किताबें 150 रुपये की हैं। बावजूद एनसीईआरटी की किताबों को वरीयता नहीं दी गई हैं।
कक्षा नौ का एनसीईआरटी की किताबों का कोर्स 725 और कक्षा 10 का 980 रुपये का है, जबकि इस कोर्स के साथ पब्लिक स्कूलों ने प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें भी लगाई हैं, जिससे यह कोर्स चार से लेकर साढ़े पांच हजार रुपये तक पहुंच गया है। इनमें लैब मैनुअल, कंप्यूटर, मोरल साइंस, जीके और ईवीएस समेत कई किताबें शामिल हैं। इससे अभिभावक परेशान हैं। इसके अलावा जो छात्र आईआईटी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, उसका आधार एनसीईआरटी की किताबें ही होती हैं।
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पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्य का कहना है कि हम अपने यहां एनसीईआरटी की किताबें लगाना चाहते हैं, मगर समय पर किताबें न मिलने की वजह से सहायक के रूप में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगानी पड़ती हैं। वहीं बुक सेलर्स का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें कम लगाए जाने के कारण वह किताबें भी कम ही मंगाते हैं। इस समय कक्षा नौ से 12 तक की सभी किताबें उपलब्ध हैं।
पब्लिक स्कूलों में नौंवी से 12 वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें लगाई जाती हैं। परीक्षाओं में प्रश्नपत्र भी इसी कोर्स से आते हैं। अगर कोई स्कूल प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें भी इनके साथ लगा रहा है तो इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
- गोपाल सिंह बिष्ट, अध्यक्ष पब्लिक स्कूल एसोसिएशन हल्द्वानी
जीके की पुस्तक पर मूल्य अंकित नहीं
हल्द्वानी। नैनीताल रोड स्थित स्कूल ने कक्षा नौ और 10 में इस बार पियरसन पब्लिकेशन की जीके बुक लगाई गई है। इस कंपनी की पुस्तक पर मूल्य अंकित नहीं है। जबकि दुकानदार इसके 290 रुपये ले रहे हैं। कालाढूंगी चौराहा स्थित पूरन एंड संस बुक डिपो के संचालक रोहित अग्रवाल का कहना है कि पियरसन एवं टीएमएच पब्लिकेशन की किताबों पर मूल्य प्रिंट नहीं होता है। किताब का मूल्य कैटलॉक देखकर लिया जाता है।
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ये किताबें नहीं हैं उपलब्ध
हल्द्वानी। एनसीईआरटी की कक्षा नौ की वर्क बुक, इतिहास विषय के अलावा कक्षा 11 और 12 की इतिहास, नागरिकशास्त्र की पुस्तकें नहीं हैं। कक्षा 11 की बिजनेस स्टडीज की पुस्तक तो पिछले साल से नहीं आई। इसी तरह कक्षा छह, सात और आठ की मैथ्स की किताब नहीं आई है।
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पब्लिक स्कूलों ने ऐसे प्रकाशकों की किताबों को प्राथमिकता दी हैै, जिनके दाम अधिक हैं। कक्षा एक की किताबों के दाम 150 से 300 रुपये हैं। वहीं एनसीईआरटी की पुस्तकें इनकी तुलना में कहीं सस्ती हैं। एनसीईआरटी की कक्षा एक की हिंदी, अंग्रेजी और गणित की तीनों किताबें 150 रुपये की हैं। बावजूद एनसीईआरटी की किताबों को वरीयता नहीं दी गई हैं।
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कक्षा नौ का एनसीईआरटी की किताबों का कोर्स 725 और कक्षा 10 का 980 रुपये का है, जबकि इस कोर्स के साथ पब्लिक स्कूलों ने प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें भी लगाई हैं, जिससे यह कोर्स चार से लेकर साढ़े पांच हजार रुपये तक पहुंच गया है। इनमें लैब मैनुअल, कंप्यूटर, मोरल साइंस, जीके और ईवीएस समेत कई किताबें शामिल हैं। इससे अभिभावक परेशान हैं। इसके अलावा जो छात्र आईआईटी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, उसका आधार एनसीईआरटी की किताबें ही होती हैं।
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पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्य का कहना है कि हम अपने यहां एनसीईआरटी की किताबें लगाना चाहते हैं, मगर समय पर किताबें न मिलने की वजह से सहायक के रूप में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगानी पड़ती हैं। वहीं बुक सेलर्स का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें कम लगाए जाने के कारण वह किताबें भी कम ही मंगाते हैं। इस समय कक्षा नौ से 12 तक की सभी किताबें उपलब्ध हैं।
पब्लिक स्कूलों में नौंवी से 12 वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें लगाई जाती हैं। परीक्षाओं में प्रश्नपत्र भी इसी कोर्स से आते हैं। अगर कोई स्कूल प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें भी इनके साथ लगा रहा है तो इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
- गोपाल सिंह बिष्ट, अध्यक्ष पब्लिक स्कूल एसोसिएशन हल्द्वानी
जीके की पुस्तक पर मूल्य अंकित नहीं
हल्द्वानी। नैनीताल रोड स्थित स्कूल ने कक्षा नौ और 10 में इस बार पियरसन पब्लिकेशन की जीके बुक लगाई गई है। इस कंपनी की पुस्तक पर मूल्य अंकित नहीं है। जबकि दुकानदार इसके 290 रुपये ले रहे हैं। कालाढूंगी चौराहा स्थित पूरन एंड संस बुक डिपो के संचालक रोहित अग्रवाल का कहना है कि पियरसन एवं टीएमएच पब्लिकेशन की किताबों पर मूल्य प्रिंट नहीं होता है। किताब का मूल्य कैटलॉक देखकर लिया जाता है।
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ये किताबें नहीं हैं उपलब्ध
हल्द्वानी। एनसीईआरटी की कक्षा नौ की वर्क बुक, इतिहास विषय के अलावा कक्षा 11 और 12 की इतिहास, नागरिकशास्त्र की पुस्तकें नहीं हैं। कक्षा 11 की बिजनेस स्टडीज की पुस्तक तो पिछले साल से नहीं आई। इसी तरह कक्षा छह, सात और आठ की मैथ्स की किताब नहीं आई है।