फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Sanjay Bisht's condition worsened

जहरीला पदार्थ पी लिया

Wed, 28 Jun 2017 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)। 
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)।  Updated Wed, 28 Jun 2017 01:44 AM IST
विज्ञापन
Sanjay Bisht's condition worsened
संजय बिष्ट - फोटो : अमर उजाला

रामनगर (नैनीताल)। महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष आशा बिष्ट के पति और कांग्रेसी नेता संजय बिष्ट ने फोन और पत्रों के जरिए मिल रही जान से मारने की धमकी से परेशान होकर मंगलवार को जहरीला पदार्थ पी लिया। रोडवेज के पास हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें संयुक्त चिकित्सालय लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर के हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने मोबाइल ट्रेस होने पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। 

विज्ञापन


घटना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे की है। संजय बिष्ट रोडवेज परिसर में स्थित एक दुकान पर पहुंचे। कुछ देर खड़े रहने के बाद उन्होंने जेब से जहर (नुवान) की शीशी निकालकर गटक ली। यह देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने उन्हें संयुक्त चिकित्सालय भेजा। कुछ देर बाद वहां पुलिस भी पहुंच गई। संजय ने पुलिस को बताया कि कई महीने से पत्नी आशा बिष्ट और उन्हें फोन व पत्र के माध्यम से जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।
विज्ञापन


वह इस बारे में पुलिस को भी बता रहे थे। इससे उनका परिवार दहशत में था। बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा था। रोज रोज की धमकी से वह टेंशन में थे और मर जाना ही एकमात्र विकल्प बचा था। डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेंफर कर दिया। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएसआई कविंद्र शर्मा ने बताया कि धमकी भरे दूसरे पत्र के बाद ही अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मोबाइल फोन से मिली धमकी ट्रेस की जा रही है। रामनगर के नंबर की की लोकेशन अल्मोड़ा में मिली तो एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। 

रामनगर(नैनीताल)। महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष आशा बिष्ट ने बताया कि पहला धमकी भरा पत्र मई के पहले सप्ताह में घर पहुंचा था। पति से इसे गंभीरता से न लेकर फाड़ दिया था। दूसरा पत्र नौ मई और तीसरा 24 जून को आया। इससे परिवार वाले दहशत में आ गया। घर का हर सदस्य डरा-डरा रहने लगा। इस मामले में हमने महिलाओं के साथ कोतवाली का घेराव भी किया था। 

आशा के अनुसार पत्र में लिखा होता है कि तुम बहुत नेतागीरी कर रहे हो। दोनों राजनीति छोड़ दो वर्ना मारे जाओगे। हम तुम्हारी हर गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। आशा ने बताया कि दो पत्र लिफाफे और एक पोस्टकार्ड से आया। एक में मुहर पीरूमदारा और दूसरे में कोटद्वार की लगी थी। 


रामनगर(नैनीताल)। आशा बिष्ट ने बताया कि दिन के ढाई बजे उन्होंने खाना खाने के लिए पति को फोन किया था। लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। कुछ देर बात ही कोतवाल विक्रम राठौर ने फोन कर हादसे की सूचना दी तो वह बहन नीतू के साथ संयुक्त चिकित्सालय पहुंचीं, जहां से उन्हें काशीपुर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।  
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed