फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Rules became strict after the death certificate of a living person was made in haldwani

Haldwani: जीवित का मृत्यु प्रमाणपत्र बनने के बाद सख्त हुए नियम, विभागों की जिम्मेदारी की तय; यह होगी व्यवस्था

Tue, 03 Jun 2025 12:18 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 03 Jun 2025 12:18 PM IST
सार

जेल में बंद बनभूलुपरा के जिंदा व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद अब प्रशासन ने नियमों को सख्त कर दिया है। वहीं एसडीएम ने स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की जिम्मेदारी भी तय कर दी है।

विज्ञापन
Rules became strict after the death certificate of a living person was made in haldwani
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

जेल में बंद बनभूलुपरा के जिंदा व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद अब प्रशासन ने नियमों को सख्त कर दिया है। नगर निगम के रजिस्ट्रार कार्यालय में आने वाले हर आवेदन की गहनता से पड़ताल हो रही है। इसी क्रम में एसडीएम ने स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की जिम्मेदारी भी तय कर दी है।

विज्ञापन

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए निगम के रजिस्ट्रार कार्यालय में आने वाले कई आवेदनों में आवेदनकर्ता जरूरी दस्तावेज संलग्न नहीं कर रहे हैं। ऐसे में प्रमाणपत्र जारी करने में त्रुटियां सामने आ रही हैं। इस पर एसडीएम ने आदेश जारी कर जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 और उत्तराखंड जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2003 (संशोधित 2024) का पालन करने को कहा है।

विज्ञापन

एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि यदि यह सूचना तीन दिन बाद दी जाती है तो 21 दिन के भीतर सूचना देने पर 20 रुपये, 21 से 30 दिन तक 50 रुपये तथा 30 दिन से 1 वर्ष के भीतर 100 रुपये का विलंब शुल्क जमा कर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यदि किसी जन्म/मृत्यु की घटना के 1 वर्ष बाद आवेदन किया जाता है तो शपथ पत्र, सभी प्रमाण और ग्राम सभा/नगर निकाय की संस्तुति जरूरी है। इसका अनुमोदन उप जिलाधिकारी कार्यालय से कराना जरूरी है। जांच में सत्यता प्रमाणित होने पर ही प्रमाण पत्र जारी होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह होगी व्यवस्था
यदि जन्म या मृत्यु अस्पताल, नर्सिंग होम या किसी चिकित्सा संस्थान में होती है तो उसकी सूचना 21 दिन के भीतर संबंधित रजिस्ट्रार को देना संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का उत्तरदायित्व है। यदि मृत्यु सार्वजनिक स्थान पर होती है तो संबंधित ग्राम प्रधान या पुलिस अधिकारी की ओर से इसकी सूचना संबंधित रजिस्ट्रार को देना अनिवार्य है।

यह भी करना होगा
अस्पताल, नर्सिंग होम, ग्राम पंचायत, नगर निगम, विकास खंड अधिकारी और पुलिस विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में हुए प्रत्येक जन्म या मृत्यु की सूचना समयबद्ध रूप से स्थानीय रजिस्ट्रार को दें।

सभी विभाग, संस्थान और पंचायतें आदेशों का पालन कर एक पारदर्शी एवं त्रुटिरहित पंजीकरण प्रणाली सुनिश्चित कराएं। जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्रों बनाने के मामले में आदेश जारी कर दिया गया है।
राहुल शाह, एसडीएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed