हल्द्वानी रेलवे जमीन मामला: लोगों को विस्थापित करने में लगेंगे 3500 करोड़, छह मंजिली इमारत बनानी होगी
हल्द्वानी में रेलवे को अतिक्रमण हटाने से पहले वहां के लोगों को बसाना है। 4365 परिवारों को बसाने के लिए 3562 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। साथ ही करीब 32 एकड़ जमीन भी चाहिए होगी।
विस्तार
हल्द्वानी में रेलवे को अतिक्रमण हटाने से पहले वहां के लोगों को बसाना है। 4365 परिवारों को बसाने के लिए 3562 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। साथ ही करीब 32 एकड़ जमीन भी चाहिए होगी। ये तब है जबकि भवन छह मंजिला होंगे। देखना ये होगा कि भारत सरकार, राज्य सरकार और रेलवे इसके लिए बजट का इंतजाम कहां से करती हैं।
अमर उजाला की टीम ने मकान बनाने वाले सिविल इंजीनियरों से बात की। उन्हें बताया कि रेलवे भूमि पर अतिक्रमण की जद में 4365 परिवार आ रहे हैं। सरकार इनका पुनर्वास करती है तो कितना खर्च आएगा। इस पर सिविल इंजीनियरों ने बताया कि यदि छह मंजिला भवन बनाए जाते हैं तो उसमें मानक के अनुसार सड़क की चौड़ाई, पार्क इत्यादि रखे जाते हैं जिसके लिए 12.72 हेक्टेयर (31.8 एकड़) जमीन की जरूरत होगी। साथ ही छह मंजिला भवनों को तैयार करने में अभी की दर के हिसाब से 3562 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
ये पढ़ें- Haldwani: उजड़ने से पहले घर मिलने की आस, बनभूलपुरा से लगी रेलवे की जमीन पर बसे हैं 4365 परिवार; जानें मामला
सरकार को करनी होगी राजस्व भूमि की व्यवस्था
वन विभाग के नियमों के अनुसार पुनर्वास के लिए वन भूमि नहीं मिल सकती है। ऐसे में सरकार को इन लोगों को बसाने के लिए राजस्व भूमि की तलाश करनी होगी। सरकारी राजस्व की जमीन नहीं होने पर किसानों से जमीन खरीदनी होगी।