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दूसरे दिन भी पानी की बूंद-बूंद को तरसे शहरवासी
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हल्द्वानी में पेयजल सप्लाई ठप्प होने के कारण कुमाऊं जल संस्थान के पंप से पानी भरते लोग। अमर उ
हल्द्वानी। बीते दो दिनों में हुई भारी बारिश से गौला बैराज के बंधों के टूटने से जलसंस्थान के शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। दो दिन से शहरवासियों को पानी की बूंद बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। लोग महंगे दामों पर प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
दूसरे दिन भी शहर की पेयजल सप्लाई ठप रही। हालांकि सोमवार को शाम चार बजे ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की सप्लाई हुई मगर शहर में पानी नहीं दिया गया। सिंचाई विभाग गौला बैराज के गेटों की मरम्मत करा रहा है। शहर की पेयजल आपूर्ति गौला नदी पर निर्भर है। गौला से शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट को बैराज से पानी दिया जाता है। बारिश से गौला में बनाया गया अस्थायी तट बंधा टूट गया। जिस वजह से समूचे शहर की पेयजल आपूर्ति रविवार को ठप हो गई। दूसरे दिन भी पेयजल आपूर्ति नहीं होने पर लोगों को खासी परेशानी हुई। क्षेत्र के मल्ली बमौरी, बिठौरिया, तल्ली बमौरी, पीलीकोठी, लालडांठ, जगदंबा नगर, नवाबी रोड, महिला डिग्री कॉलेज, शीशमहल, टेढ़ी पुलिया, सुभाषनगर, अमरावती कॉलोनी, दमुवाढूंगा, मुखानी, ऊंचापुल, कुसुमखेड़ा, लोहरियासाल तल्ला, मल्ला, कठघरिया, श्रमिक बस्ती, कर्नल वार्ड, लीला डिपो आदि इलाकों में दिनभर लोग पानी के लिए परेशान रहे।
वार्ड नौ निवासी दिनेश चंद्र आर्या, अमरावती कॉलोनी के उमेश चंद्र जोशी, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, माया जोशी और सुशील दोहन ने कहा कि पानी नहीं मिलने से पूरी दिनचर्या प्रभावित हो गई है। बिठौरिया निवासी अभिनव परगांई और सुभाषनगर निवासी कृष्णा बिष्ट ने बताया कि जलसंस्थान के टैंकरों से भी उन्हें पानी नहीं मिला। बिठौरिया के पूर्व प्रधान नेत्र बल्लभ जोशी और पार्षद विनोद दानी का कहना था कि पेयजल टैंकर भेजने के लिए जलसंस्थान के अधिकारियों को फोन किया गया लेकिन इसके बावजूद टैंकर नहीं भेजा गया। लालडांठ निवासी देवेंद्र मेहरा ने जल संस्थान के इस रवैये को गलत बताया।
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गौला में पानी से बंद रही निकासी
गौला में पानी का बहाव अधिक होने से सोमवार को भी उपखनिज की निकासी नहीं हुई जिससे सैकड़ों डंपर और अन्य वाहन नदी में नहीं उतर सके। वन निगम को इस साल गौला से 18 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य मिला है। निगम ने अब तक करीब 17 लाख घनमीटर की निकासी की है। रविवार को गौला में पानी बढ़ने से सभी गेट बंद रहे वहीं सोमवार को भी पानी का स्तर कम न होने से उपखनिजों की निकासी नहीं हो सकी। वन निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर मंगलवार को भी नदी में पानी की मात्रा अधिक रही तो गेट बंद रखे जाएंगे जिससे किसी तरह का नुकसान न हो।
कमलुवागांजा, छड़ायल, राजपुरा में नहीं चले नलकूप
कमलुवागांजा गौड़ और छड़ायल नयाबाद में ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण नलकूपों नहीं चल सके। जबकि राजपुरा में चार दिन से खराब नलकूप की मरम्मत नहीं हो पाई है। नलकूपों के खराब होने से तमाम इलाकों में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इधर, जलसंस्थान के असिस्टेंट इंजीनियर एलएम पांडे ने बताया कि ट्रांसफार्मर की गड़बड़ी ठीक करने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों से कहा गया है जबकि राजपुरा में नलकूप की मरम्मत चल रही है। प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल वितरित किया जा रहा है।
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दूसरे दिन भी शहर की पेयजल सप्लाई ठप रही। हालांकि सोमवार को शाम चार बजे ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की सप्लाई हुई मगर शहर में पानी नहीं दिया गया। सिंचाई विभाग गौला बैराज के गेटों की मरम्मत करा रहा है। शहर की पेयजल आपूर्ति गौला नदी पर निर्भर है। गौला से शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट को बैराज से पानी दिया जाता है। बारिश से गौला में बनाया गया अस्थायी तट बंधा टूट गया। जिस वजह से समूचे शहर की पेयजल आपूर्ति रविवार को ठप हो गई। दूसरे दिन भी पेयजल आपूर्ति नहीं होने पर लोगों को खासी परेशानी हुई। क्षेत्र के मल्ली बमौरी, बिठौरिया, तल्ली बमौरी, पीलीकोठी, लालडांठ, जगदंबा नगर, नवाबी रोड, महिला डिग्री कॉलेज, शीशमहल, टेढ़ी पुलिया, सुभाषनगर, अमरावती कॉलोनी, दमुवाढूंगा, मुखानी, ऊंचापुल, कुसुमखेड़ा, लोहरियासाल तल्ला, मल्ला, कठघरिया, श्रमिक बस्ती, कर्नल वार्ड, लीला डिपो आदि इलाकों में दिनभर लोग पानी के लिए परेशान रहे।
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वार्ड नौ निवासी दिनेश चंद्र आर्या, अमरावती कॉलोनी के उमेश चंद्र जोशी, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, माया जोशी और सुशील दोहन ने कहा कि पानी नहीं मिलने से पूरी दिनचर्या प्रभावित हो गई है। बिठौरिया निवासी अभिनव परगांई और सुभाषनगर निवासी कृष्णा बिष्ट ने बताया कि जलसंस्थान के टैंकरों से भी उन्हें पानी नहीं मिला। बिठौरिया के पूर्व प्रधान नेत्र बल्लभ जोशी और पार्षद विनोद दानी का कहना था कि पेयजल टैंकर भेजने के लिए जलसंस्थान के अधिकारियों को फोन किया गया लेकिन इसके बावजूद टैंकर नहीं भेजा गया। लालडांठ निवासी देवेंद्र मेहरा ने जल संस्थान के इस रवैये को गलत बताया।
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गौला में पानी से बंद रही निकासी
गौला में पानी का बहाव अधिक होने से सोमवार को भी उपखनिज की निकासी नहीं हुई जिससे सैकड़ों डंपर और अन्य वाहन नदी में नहीं उतर सके। वन निगम को इस साल गौला से 18 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य मिला है। निगम ने अब तक करीब 17 लाख घनमीटर की निकासी की है। रविवार को गौला में पानी बढ़ने से सभी गेट बंद रहे वहीं सोमवार को भी पानी का स्तर कम न होने से उपखनिजों की निकासी नहीं हो सकी। वन निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर मंगलवार को भी नदी में पानी की मात्रा अधिक रही तो गेट बंद रखे जाएंगे जिससे किसी तरह का नुकसान न हो।
कमलुवागांजा, छड़ायल, राजपुरा में नहीं चले नलकूप
कमलुवागांजा गौड़ और छड़ायल नयाबाद में ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण नलकूपों नहीं चल सके। जबकि राजपुरा में चार दिन से खराब नलकूप की मरम्मत नहीं हो पाई है। नलकूपों के खराब होने से तमाम इलाकों में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इधर, जलसंस्थान के असिस्टेंट इंजीनियर एलएम पांडे ने बताया कि ट्रांसफार्मर की गड़बड़ी ठीक करने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों से कहा गया है जबकि राजपुरा में नलकूप की मरम्मत चल रही है। प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल वितरित किया जा रहा है।