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पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे निर्माण का रास्ता होगा आसान
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नैनीताल। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को पीपीपी मोड में देने की घोषणा की है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे निर्माण का रास्ता आसान हो जाएगा। साथ ही पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी। वित्त मंत्री की घोषणा के बाद नैनीताल-रानीबाग रोपवे निर्माण को लेकर उम्मीद बढ़ गई है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने करीब तीन साल पहले रानीबाग से नैनीताल तक लगभग 11 किलोमीटर लंबे रोपवे निर्माण की योजना बनाई थी। पिछले दिनों आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र का सर्वे भी किया था। पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत ने इसे भूगर्भीय दृष्टि से नैनीताल के लिए नुकसानदेह बताते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी थी, तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन है। भविष्य में केंद्र सरकार राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को पीपीपी मोड में देती है तो नैनीताल ही नहीं कुमाऊं में कई अन्य स्थानों पर भी नए रोपवे निर्माण का रास्ता आसान हो सकता है।
नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पूर्व पीआरओ और होटल व्यवसायी आलोक साह ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे निर्माण की उम्मीदें बढ़ी हैं। योजनाएं धरातल पर उतरेंगी तो लोगों को जाम और पार्किंग की दिक्कतों से भी छुटकारा मिलेगा। वहीं होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट को भी उम्मीद है कि राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को पीपीपी मोड पर देने से पर्यटन और रोजगार दोनों में इजाफा होगा।
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उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने करीब तीन साल पहले रानीबाग से नैनीताल तक लगभग 11 किलोमीटर लंबे रोपवे निर्माण की योजना बनाई थी। पिछले दिनों आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र का सर्वे भी किया था। पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत ने इसे भूगर्भीय दृष्टि से नैनीताल के लिए नुकसानदेह बताते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी थी, तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन है। भविष्य में केंद्र सरकार राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को पीपीपी मोड में देती है तो नैनीताल ही नहीं कुमाऊं में कई अन्य स्थानों पर भी नए रोपवे निर्माण का रास्ता आसान हो सकता है।
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नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पूर्व पीआरओ और होटल व्यवसायी आलोक साह ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे निर्माण की उम्मीदें बढ़ी हैं। योजनाएं धरातल पर उतरेंगी तो लोगों को जाम और पार्किंग की दिक्कतों से भी छुटकारा मिलेगा। वहीं होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट को भी उम्मीद है कि राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को पीपीपी मोड पर देने से पर्यटन और रोजगार दोनों में इजाफा होगा।
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