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रेलवे भूमि से पंद्रह दिन में कब्जा खाली कराने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2016 02:10 AM IST
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रेलवे भूमि से पंद्रह दिन में कब्जा खाली कराने का आदेश
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी रेलवे स्टेशन और आसपास की जमीन पर कब्जे के मामले में इज्जतनगर डीआरएम कार्यालय परिसर में राज्य संपदा अधिकारी न्यायालय में सुनवाई हुई है। इसमें न्यायालय ने पंद्रह दिन के अंदर कब्जा खाली करने का आदेश जारी किया है।
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हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नौ नवंबर को रेलवे की जमीन से कब्जा 10 सप्ताह में खाली कराने का आदेश दिया है। इसके बाद 17 नवंबर को रेलवे और प्रशासन ने संयुक्त सीमांकन किया था।
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इसमें 450 लोगों को नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद 24 नवंबर को काठगोदाम और दो और तीन दिसंबर को इज्जतनगर मंडल कार्यालय में राज्य संपदा अधिकारी न्यायालय में दो बार सुनवाई हुई थी।
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मंगलवार को इज्जतनगर मंडल कार्यालय में राज्य संपदा अधिकारी न्यायालय में अंतिम सुनवाई हुई। इसमें दो लोग अपना पक्ष रखने पहुंचे। इसमें मो. मसूद और बी सिद्दीकी ने कहा कि रेलवे ने अतिक्रमण की जो भूमि दिखाई है, उसकी बाउंड्री स्पष्ट नहीं है।
कोई लाइन और क्षेत्र का नक्शा भी मार्क नहीं किया गया है। इसके अलावा 2001 और 2011 के सर्वे में भी प्रश्नगत क्षेत्र को आबादी में होना प्रदर्शित किया गया है। इसके बाद राज्य संपदा अधिकारी अरुण कुमार ने आदेश जारी किया है।
इसमें भूमि को रेलवे की जमीन माना गया है और 4 जनवरी 2016 तक (15 दिन के अंदर) जमीन को खाली करने को कहा है। ऐसा न करने पर 5 जनवरी से कब्जे की जगह से बलपूर्वक निकाला जा सकता है।
दस सप्ताह की मियाद हो रही खत्म
हाईकोर्ट की मियाद भी जनवरी में खत्म हो रही है। इसको लेकर भी लोगों में धुकधुकी बनी हुई है। दूसरी तरफ सीमांकन को लेकर भी जनहित याचिका दाखिल की गई है, जिस पर सुनवाई 21 दिसंबर को होनी है। इस पर भी लोगों की निगाह लगी हुई है।
इसके अलावा आचार संहिता भी लगने वाली है। ऐसे में मामले को सुलटाने को लेकर तमाम स्तरों से कोशिश करने की बात कही जा रही है। 10 दिसंबर को सीमांकन करने गई टीम को लोगों का विरोध और त्योहार को देखते हुए बैरंग लौटना पड़ा था। इसके बाद से कोई सीमांकन की कोशिश भी नहीं की गई है, जबकि अधिकारी जल्द कार्रवाई शुरू होने की बात कहते रहे हैं।