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उच्च हिमालय जन क्षेत्रों का विकास हो : फैड्रिक
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Wed, 06 May 2015 01:58 AM IST
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डीएसबी परिसर के भूगोल विभाग की ओर से विभाग के व्याख्यान कक्ष में आयोजित 14वें पंडित नैन सिंह मेमोरियल व्याख्यान में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। मुख्य वक्ता पेरिस युनिवर्सिटी भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. फैड्रिक ने उच्च हिमालय जन क्षेत्रों में विकास के विकल्प तलाशने की वकालत की। उन्होंने फ्रांस के आल्प्स पर्वत श्रंखला और उससे लगे जन क्षेत्रों के विकास तथा पर्यटन के बारे में बताया।
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श्री फैड्रिक ने कहा कि फ्रांस में भी हिमालय सरीखी पर्वत श्रंखलाएं हैं। वहां उच्च पर्वतों के जन क्षेत्रों का चारागाह, पशुपालन समेत पर्यटन के रूप में सदुपयोग किया जा रहा है। क्षेत्रों के विकास से वहां से न केवल पलायन रुका है, बल्कि पलायन कर चुके कई लोग लौटने भी लगे हैं। उन्होंने कहा कि एशिया में पहाड़ों की भौगोलिक, पर्यावरणीय, जैव विविधता को अर्थ व्यवस्था से जोड़ने के विकल्प तलाशने होंगे। बता दें कि फैड्रिक एशिया के छह देशों में संबंधित अध्य्यन कर रही फ्रांस की संस्था के सदस्यों में से एक हैं।
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इससे पूर्व विभागाध्यक्ष तथा कार्यक्रम समन्वयक प्रो. रघुवीर चंद ने पंडित नैन सिंह की 15000 किमी की यात्रा और तिब्बत सर्वे तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान के बारे में बताया। कुविवि कुलपति प्रो. एचएस धामी ने वर्ष 2013 में केदारनाथ समेत प्रदेश में आई आपदा और नेपाल भूकंप का जिक्र करते हुए विषय विशेषज्ञों से व्यापक शोध का आह्वान किया। इस दौरान परिसर निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. भगवान सिंह बिष्ट, प्रो. गिरधर सिंह नेगी, डा. आशीष तिवारी, प्रो. जीएल साह, प्रो. पीसी तिवारी, डा. मनीषा तिवारी समेत प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद थे। संचालन डा. रमेश जोशी ने किया।
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