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स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाए सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sat, 08 Apr 2017 01:11 AM IST
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निजी स्कूलों की मनमानी
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जागरूक अभिभावक संघ ने बुद्ध पार्क में धरना देकर प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों ने सीएम से स्कूलों की मनमानी को नियंत्रित करने की मांग की।
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समिति के संयोजक संदीप कुकसाल ने कहा कि पब्लिक स्कूलों में हर साल बेतहाशा फीस वृद्धि की जाती है। एडमिशन फीस, डेवलपमेंट और अन्य खर्चों के नाम पर अभिभावकों से जबरन धन वसूली की जाती है।
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सामाजिक कार्यकर्ता परम पुनिया एवं राधा चौधरी ने नई सरकार से अभिभावकों का शोषण करने वाले पब्लिक स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। भुवन आर्य एवं संतोष कबडवाल ने कहा कि स्कूल कमीशन के खेल में हर साल किताबें बदल देते हैं।
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जिससे अभिभावकों का शोषण होता है। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष रवींद्र बाली और मदन मोहन जोशी ने कहा जल्द कार्रवाई न हुई तो आंदोलन किया जाएगा। हरीश रावत और मुकेश भट्ट ने कहा कि प्रशासन की पब्लिक स्कूलों के साथ मिलीभगत के चलते अभिभावकों को गुमराह किया जाता है और जायज मांगों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
छात्रा बबीता बिष्ट और योगिता आर्य ने पब्लिक स्कूलों में 12 तक की किताबें निशुल्क देने की मांग की। इस दौरान पंकज जायसवाल, हिमांशु कबडवाल, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, ज्योति जोशी, अमित खोलिया, दिनेश लोशाली आदि थे।
हल्द्वानी। स्कूलाें की मनमानी और फीस के मामले में आखिरकार प्रशासन की नींद टूटी है। शनिवार को प्रशासन ने स्कूल प्रबंधकों और अभिभावकों को बातचीत करने के लिए बुलाया है। प्रशासन का कहना है कि इस बैठक में सबको सुनने के बाद तय किया जाएगा कि आगे क्या कदम उठाया जाना है। प्रशासन का यह कदम कितना कारगर साबित होगा, यह तो शनिवार की बैठक के बाद ही साफ होगा।
पिछले कुछ समय से पब्लिक स्कूलों में प्रवेश को लेकर मारामारी है। इसके साथ ही स्कूलों में फीस वृद्धि, किताबों को किसी तय प्रकाशक से ही खरीदने के लिए दबाव बनाने, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद की किताबों की कमी आदि मामलों को भी लेकर भी अभिभावक खासे नाराज है।
मुसीबत यह है बच्चों के प्रवेश और शिक्षा को देखते हुए अभिभावक खुल कर सामने भी नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में सारा मामला प्रशासन के पाले में है। इतना होने पर भी शिक्षा विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी कोई सीधा अधिकार न होने का दावा कर खुद को किनारे कर ले रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों की नाराजगी प्रशासन को लेकर भी बढ़ती जा रही है।
इसी को भांपते हुए अब शनिवार को प्रशासन, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधकों की त्रिपक्षीय बैठक बुलाई गई है। सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा के मुताबिक यह बैठक नगर निगम सभागार में शाम चार बजे होगी। इस बैठक में स्कूलों की फीस से लेकर स्कूलों की मनमानी के मामलों पर अभिभावक अपनी बात रख सकते हैं।
मिश्रा के मुताबिक बैठक में प्रशासन, पब्लिक स्कूल ऐसोसिएशन से जुड़े स्कूल प्रबंधक और अभिभावकों को आमंत्रित किया गया है। अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह ओपन फोरम में अपनी बात रख सकता है। बैठक में तय मुद्दों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
इस संयुक्त बैठक से क्या निकलेगा, यह तो बैठक के बाद ही सामने आएगा। दो साल पहले भी प्रशासन ने इसी तरह की एक बैठक बुलाई थी। उस समय हुई बैठक से कोई हल नहीं निकल पाया था। बैठक में अभिभावकों ने चुप्पी साध ली थी। उस समय कहा गया था कि अभिभावकों की ओर से कोई शिकायत न आने से प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पाया।