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Nainital News: प्राचार्य एक्शन के मूड में, एमएस, एचओडी को लिखा कड़ा पत्र

Sun, 25 Aug 2024 05:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sun, 25 Aug 2024 05:48 AM IST
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Principal in mood for action, wrote strong letter to MS, HOD
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में खुले आम निजी डायग्नोसिस सेंटरों के कर्मचारियों के आने और मरीजों का ब्लड सेंपल लेकर जाने का मामला सामने आने के बाद प्राचार्य एक्शन के मूड में आ गए हैं। शनिवार को उन्होंने मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, एमएस समेत सुरक्षा गार्डों के लिए कड़ा पत्र जारी किया है। उन्होंने भविष्य में अस्पताल के अंदर निजी लैब के कर्मी या अराजक तत्वों के आने पर संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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जारी पत्र के अनुसार उन्होंने अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कहा कि बाहरी लैब के लोग यहां आकर मरीजों का सेंपल ले रहे हैं। अस्पताल के कुछ डॉक्टरों की भी इसमें मिलीभगत की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताते हुए भविष्य में विभागीय समेत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने सुरक्षा गार्डों से नियमित रूप से दिन में और रात के समय चेकिंग अभियान में तेजी लाने, वार्डों, लैब आदि जगहों की लगातार निगरानी रखने को कहा है। शुक्रवार को प्राचार्य और सुरक्षा कर्मियों ने स्वयं दो मामले पकड़े थे जिसमें निजी डायग्नोसिस सेंटरों के कर्मी बेखौफ होकर एसटीएच में आकर मरीजों को सैंपल ले रहे थे। इसमें अस्पताल के कुछ डॉक्टरों की मिलीभगत की बात भी सामने आयी थी।
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इधर प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि इस तरह बाहर के व्यक्ति का अस्पताल आकर मरीजों का सेंपल लेना भविष्य में खतरे का संकेत है। इससे महिला कर्मियों और मरीजों को भी जान माल का खतरा रहेगा इसलिए सभी को कड़ा पत्र लिखकर जिम्मेदारी का अहसास कराया है। उन्होंने बताया कि एमएस को भी अपने स्तर से कार्रवाई करने कहा गया है।
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एसटीएच में चोरी के डर से नहीं लगाईं मच्छरदानी

हल्द्वानी। एक ओर सरकारी मशीनरी डेंगू को लेकर सतर्क बनी हुई है। सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए एडवाजरी भी जारी हो चुकी है। अस्पतालों में डेंगू वार्ड बनाने के साथ मच्छरदानी लगाने के सख्त निर्देश हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में वार्ड तो बना है लेकिन वहां मच्छरदानी नहीं है। मेडिसिन विभाग के डेंगू वार्ड में कुछ गद्दे भी फटे हुए मिले। मेडिसिन विभाग के एचओडी डाॅ. सुभाष जोशी ने बताया कि आईसीयू समेत प्रत्येक वार्ड में आरक्षित बेड रखे गए हैं। मरीज आने पर पहले वार्ड में ही भर्ती किया जाता है। जब सभी वार्ड पैक हो जाते जाते हैं तब बाहर वार्ड में भर्ती किया जाता है। चोरी होने के डर से मच्छरदानी मरीज आने के बाद ही लगाई जाती है। उधर महिला अस्पताल में तो डेंगू वार्ड ही नहीं है। वहीं बेस अस्पताल में वार्ड तैयार है और मच्छरदानी भी लगी हुई हैं।



वालंटियर कर रहे लार्वों का खात्मा

हल्द्वानी। दूसरे राज्यों में डेंगू का संक्रमण बढ़ने पर केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों को सतर्क रहने को कहा गया है। हालांकि नैनीताल जिले में अभी तक डेंगू का एक भी केस नहीं आया है। पिछले साल 16 अगस्त तक ही 41 मामले आ चुके थे। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल के अनुसार डेंगू संक्रमण की आशंका को देखते हुए पहली बार जिले में वालंटियरों की संख्या 20 कर दी गई है। पिछले साल तक यह संख्या पांच थी। वालंटियर संवेदनशील जगहों लालकुंआ, हल्द्वानी, कालाढूंगी, बैलपड़ाव आदि जगहों पर जाकर मच्छरों के लार्वा को खत्म करने का काम कर रहे हैं। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के तहत प्राइवेट अस्पतालों में 10-10 और बेस अस्पताल में 20, सीएचसी में पांच-पांच बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। वहीं सुशीला तिवारी अस्पताल में 40 बेड आरक्षित हैं। बेस अस्पताल को 70 और सुशीला तिवारी अस्पताल को 100 मच्छरदानी भी दी गई है।
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