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नगर निगम दून और राजस्व सचिव को पक्षकार बनाने की अनुमति, सहस्त्रधारा में नदी क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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नैनीताल। देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में नदी पर हो रहे अतिक्रमण के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने नगर निगम देहरादून व राजस्व सचिव को पक्षकार बनाने की अनुमति याचिकाकर्ता को दी है। कोर्ट ने नगर निगम देहरादून सहित जिला प्रशासन को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी अजय नारायण शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र के डांडा लख़ौंड में, पामवाला की राउ नदी क्षेत्र की भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। 10 मार्च 2021 को कोर्ट ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को ऐसे अतिक्रमणों को चिह्नित करने के लिए कहा था।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने कोर्ट को अवगत कराया कि अतिक्रमणकारियों कार्रवाई करने का अधिकार जिला प्रशासन के पास है। पक्षों को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अनुमति प्रदान की है कि वह नगर निगम देहरादून और सचिव रेवेन्यू को मामले में पक्षकार बनाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि नियत की है।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी अजय नारायण शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र के डांडा लख़ौंड में, पामवाला की राउ नदी क्षेत्र की भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। 10 मार्च 2021 को कोर्ट ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को ऐसे अतिक्रमणों को चिह्नित करने के लिए कहा था।
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मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने कोर्ट को अवगत कराया कि अतिक्रमणकारियों कार्रवाई करने का अधिकार जिला प्रशासन के पास है। पक्षों को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अनुमति प्रदान की है कि वह नगर निगम देहरादून और सचिव रेवेन्यू को मामले में पक्षकार बनाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि नियत की है।
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