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Nainital News: रानीबाग-दानीजाला के बीच झूला पुल निर्माण का रास्ता साफ
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हल्द्वानी। दानीजाला में रह रहे 20 परिवारों को गौला नदी पार कर रानीबाग आने के लिए जल्द ही झूलापुल मिल जाएगा। इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लोनिवि ने व्यापक सर्वे के बाद भूमि क्लीयरेंस ले ली है। जल्द संशोधित डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।
दानीजाला के ग्रामीण वर्षों से ट्रॉली के सहारे ही नदी पार कर रानीबाग आते रहे हैं। गांव में करीब 50 परिवार रहते हैं। मानसून के वक्त नदी में पानी बढ़ने पर ट्रॉली से नदी पार करना इनके लिए काफी जोखिम भरा होता है। वे काफी समय से झूला पुल की मांग कर रहे थे। इस पुल को बनाने की पहल वर्ष 2004 में शुरू हुई थी और अब जाकर मांग पूरी होती नजर आ रही है। लोनिवि के अधिकारियों के मुताबिक भूमि को लेकर कुछ लोगों की आपत्ति के कारण काम अटका हुआ था। आपत्तियां लगाने वालों से वार्ता हो चुकी है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ भूमि का सर्वे पहले ही हो चुका है।
अब पांच के बजाय सात करोड़ आएगी लागत
लोविवि के ईई रत्नेश सक्सेना ने बताया कि झूलापुल क्षेत्र की भूमि का क्लीयरेंस होने के बाद अब नई डीपीआर बनानी है। पहले भेजी गई डीपीआर पांच करोड़ की थी। सौ मीटर स्पान के इस पुल की लागत अब बढ़कर लगभग सात करोड़ रुपये पहुंचने के कारण संशोधित डीपीआर तैयार की जा रही है।
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दानीजाला के ग्रामीण वर्षों से ट्रॉली के सहारे ही नदी पार कर रानीबाग आते रहे हैं। गांव में करीब 50 परिवार रहते हैं। मानसून के वक्त नदी में पानी बढ़ने पर ट्रॉली से नदी पार करना इनके लिए काफी जोखिम भरा होता है। वे काफी समय से झूला पुल की मांग कर रहे थे। इस पुल को बनाने की पहल वर्ष 2004 में शुरू हुई थी और अब जाकर मांग पूरी होती नजर आ रही है। लोनिवि के अधिकारियों के मुताबिक भूमि को लेकर कुछ लोगों की आपत्ति के कारण काम अटका हुआ था। आपत्तियां लगाने वालों से वार्ता हो चुकी है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ भूमि का सर्वे पहले ही हो चुका है।
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अब पांच के बजाय सात करोड़ आएगी लागत
लोविवि के ईई रत्नेश सक्सेना ने बताया कि झूलापुल क्षेत्र की भूमि का क्लीयरेंस होने के बाद अब नई डीपीआर बनानी है। पहले भेजी गई डीपीआर पांच करोड़ की थी। सौ मीटर स्पान के इस पुल की लागत अब बढ़कर लगभग सात करोड़ रुपये पहुंचने के कारण संशोधित डीपीआर तैयार की जा रही है।
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