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12 दिन में बिक गया 25 हजार क्विंटल से ज्यादा आटा
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प्रतीकात्मक फोटो।
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हल्द्वानी। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लॉकडाउन के चलते बाजार में आटे की अधिक डिमांड है। 12 दिनों में 25 हजार क्विंटल से अधिक आटे की सेल हो चुकी है। अब हल्द्वानी के गोदामों में आटे का स्टॉक बहुत कम है, सिर्फ तीन हजार क्विंटल आटा ही बचा है जबकि बाजार में आटे की डिमांड रोजाना दो हजार क्विंटल से अधिक है।
हल्द्वानी थोक मंडी से कुमाऊं भर के जिलों के साथ ही गढ़वाल मंडल के जुड़े विभिन्न इलाकों को भी खाद्यान्न वस्तुओं की आपूर्ति यहीं से होती है। सामान्य दिनों में करीब 700 से 800 क्विंटल आटा सप्लाई होता था। 19 मार्च से लेकर 21 मार्च तक लोगों ने आवश्यक वस्तुओं की बंपर खरीदारी की जिसमें आटा भी बड़ी मात्रा में खरीदा गया।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर लगातार लॉकडाउन के चलते आटे की डिमांड तीन गुना तक बढ़ गई है। बाजार में आवश्यक वस्तुओं खासकर राशन की खरीदारी कम नहीं हो पाई है लोग अभी भी खूब सामान खरीद कर रख रहे हैं। इन दिनों कुमाऊं भर में दो हजार क्विंटल से अधिक आटे की सेल हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार फ्लोर मिलों और गल्ला मंडी के गोदामों में मंगलवार को सिर्फ तीन हजार क्विंटल आटा ही स्टॉक में शेष बचा है।
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अरहर की दाल पर भी है संकट
गल्ला मंडी मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष तरुण बसंल कहते हैं कि लॉकडाउन की वजह से अरहर की दाल नहीं आ पा रही है। अरहर की दाल इंदौर से आती है। हल्द्वानी तक का लंबा रूट होने के कारण वहां से कोई गाड़ी नहीं आ रही है। रास्ते में खाना आदि न मिलने के कारण इंदौर से इतनी दूर कोई ड्राइवर नहीं आना चाहता। मंडी में मसूर और अन्य दालें पर्याप्त मात्रा में आ रही हैं। कोई कमी नहीं है।
आटे का संकट नहीं आने देंगे: मनोज साह
मंडी समिति के अध्यक्ष मनोज साह कहते हैं कि फिलहाल अभी आटे का पर्याप्त स्टॉक है तथा भविष्य में भी आटे का संकट नहीं आने दिया जाएगा। गेहूं न मिलने की वजह से कुछ समस्या आ रही थी, जिसका समाधान कर लिया गया है। जनता को चिंता करने की कोई बात नहीं है। प्रदेश सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता आदि पर कड़ी नजर रखे हुए है।
हल्द्वानी में बुधवार का खाद्यान्न स्टॉक
आटा 2965 क्विंटल
दालें 3145 क्विंटल
गेंहू 3618 क्विंटल
चावल 53,674 क्विंटल
धान 15,467 क्विंटल
ऑयल 1384 क्विंटल
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हल्द्वानी थोक मंडी से कुमाऊं भर के जिलों के साथ ही गढ़वाल मंडल के जुड़े विभिन्न इलाकों को भी खाद्यान्न वस्तुओं की आपूर्ति यहीं से होती है। सामान्य दिनों में करीब 700 से 800 क्विंटल आटा सप्लाई होता था। 19 मार्च से लेकर 21 मार्च तक लोगों ने आवश्यक वस्तुओं की बंपर खरीदारी की जिसमें आटा भी बड़ी मात्रा में खरीदा गया।
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22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर लगातार लॉकडाउन के चलते आटे की डिमांड तीन गुना तक बढ़ गई है। बाजार में आवश्यक वस्तुओं खासकर राशन की खरीदारी कम नहीं हो पाई है लोग अभी भी खूब सामान खरीद कर रख रहे हैं। इन दिनों कुमाऊं भर में दो हजार क्विंटल से अधिक आटे की सेल हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार फ्लोर मिलों और गल्ला मंडी के गोदामों में मंगलवार को सिर्फ तीन हजार क्विंटल आटा ही स्टॉक में शेष बचा है।
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अरहर की दाल पर भी है संकट
गल्ला मंडी मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष तरुण बसंल कहते हैं कि लॉकडाउन की वजह से अरहर की दाल नहीं आ पा रही है। अरहर की दाल इंदौर से आती है। हल्द्वानी तक का लंबा रूट होने के कारण वहां से कोई गाड़ी नहीं आ रही है। रास्ते में खाना आदि न मिलने के कारण इंदौर से इतनी दूर कोई ड्राइवर नहीं आना चाहता। मंडी में मसूर और अन्य दालें पर्याप्त मात्रा में आ रही हैं। कोई कमी नहीं है।
आटे का संकट नहीं आने देंगे: मनोज साह
मंडी समिति के अध्यक्ष मनोज साह कहते हैं कि फिलहाल अभी आटे का पर्याप्त स्टॉक है तथा भविष्य में भी आटे का संकट नहीं आने दिया जाएगा। गेहूं न मिलने की वजह से कुछ समस्या आ रही थी, जिसका समाधान कर लिया गया है। जनता को चिंता करने की कोई बात नहीं है। प्रदेश सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता आदि पर कड़ी नजर रखे हुए है।
हल्द्वानी में बुधवार का खाद्यान्न स्टॉक
आटा 2965 क्विंटल
दालें 3145 क्विंटल
गेंहू 3618 क्विंटल
चावल 53,674 क्विंटल
धान 15,467 क्विंटल
ऑयल 1384 क्विंटल