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Nainital News: एसटीएच में घपले में अन्य लोग भी शक के दायरे में

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2024 01:49 AM IST
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Other people also under suspicion in scam in STH
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए जमा हुए रुपयों के गोलमाल पर अस्पताल प्रबंधन सख्ती के साथ कार्रवाई करने की तैयारी में है। इस मामले में आरोपी कर्मचारी के साथ ही इस विभाग से जुड़े अन्य लोगों और वित्त विभाग के कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। इन कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।
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एसटीएच में मेडिकल जांचों के लाखों रुपयों मरीजों से लिए गए, लेकिन अस्पताल के खाते में जमा नहीं हुए। यह एक-दो दिन नहीं हुआ बल्कि तीन महीने तक रुपया जमा नहीं हुआ। यहां तक कि रसीद बुक की जानकारी भी तीन महीने तक न तो किसी को दी गई और न ही इसके जिम्मेदार अधिकारियों ने ली। इससे लाखों रुपयों के गोलमाल में एसटीएच के अन्य अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत भी नजर आ रही है। बिलिंग काउंटर पर शिफ्टों में कर्मचारी तैनात होते हैं। कुछ दिन तो कुछ रात में तैनात रहते हैं। कर्मचारी पूरी रसीद बुक अपने पास रखते हैं मगर बिलिंग काउंटर पर बैठे कर्मचारी को उसी दिन या फिर अगले दिन सारा रुपया और रसीदों का हिसाब रिसेप्शन इंचार्ज को देना होता है। इसके बाद सारा रुपया एसटीएच के खाते में जमा किया जाता है। एसटीएच के मेडिकल जांच के बिलिंग काउंटर पर रुपया जमा होता रहा लेकिन न तो इंचार्ज को मिला न एसटीएच को। इंचार्ज ने भी इसकी जानकारी नहीं मांगी, जबकि करीब दो-तीन महीने से यह खेल चल रहा है। वित्त विभाग में हर महीने इन बिल की रसीदों और मेडिकल जांच के साथ ही खाते का मिलान करना होता है मगर लंबे समय तक रुपया जमा नहीं होने तक इस बारे में भी कोई पूछताछ नहीं हुई। अब अस्पताल प्रबंधन इस मामले को संदिग्ध मान रहा है इसके लिए जांच का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
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सरकारी रुपयों की हेराफेरी गंभीर मामला है। एक रुपया हो या लाख रुपया कोई भी सरकारी धन को अपने निजी उपयोग के लिए नहीं रख सकता। इतने लंबे समय तक रुपया जमा नहीं किया, जबकि बिलिंग के अगले दिन ही बैंक में जमा होना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की भी लापरवाही नजर आ रही है। मामले की विस्तृत जांच करवायी जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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-डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
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