{"_id":"6a9f0ff95765a3e3000ae85e","slug":"roadways-employees-turned-away-the-team-that-had-arrived-to-conduct-a-land-survey-for-the-ropeway-nainital-news-c-337-1-ha11021-136556-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: रोप-वे के लिए जमीन का सर्वे करनी पहुंची टीम को रोडवेज कर्मियों ने बैरंग लौटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: रोप-वे के लिए जमीन का सर्वे करनी पहुंची टीम को रोडवेज कर्मियों ने बैरंग लौटाया
Tue, 08 Sep 2026 12:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:56 AM IST
विज्ञापन
हल्द्वानी।
काठगोदाम-हनुमानगढ़ी रोप-वे परियोजना के लिए चिह्नित भूमि का सर्वे करने पहुंची टीम को रोडवेज कर्मचारियों ने बैरंग लौटा दिया। इसे लेकर रोडवेज कर्मचारियों और टीम में शामिल अधिकारियों से बहसबाजी भी हुई।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से जिला प्रशासन की ओर से काठगोदाम से नैनीताल हनुमानगढ़ी तक रोप-वे बनाने की योजना है। इसके लिए काठगोदाम क्षेत्र में भूमि का चयन किया जाना है। इसके मद्देनजर नगर निगम, वन विभाग, केएमवीएन, विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग की टीम सोमवार को काठगोदाम स्थित रोडवेज के रीजनल कार्यालय और वर्कशॉप परिसर पहुंची। टीम वहां निरीक्षण के साथ ही जमीन की नापजोख कर रही थी। तभी इसकी भनक लगते ही रोडवेज कर्मचारी वहां जा धमके। दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई। उसके बाद टीम को बिना सर्वे के लौटना पड़ा।
विरोध जताने वालों में मुकेश वर्मा, कमल पपैन, तारा चंद्र जोशी, पूरन सिंह बिष्ट, नवनीत कपिल, योगेश जोशी, नवीन लोहनी, अमन कुमार, हरीश आर्या, रचना बिष्ट, सरोजनी भट्ट, आनंद बिष्ट समेत रोडवेज के चार कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी शामिल रहे।
विज्ञापन
विरोध का प्रमुख कारण-
कुमाऊं में रोडवेज नैनीताल रीजन का काठगोदाम में ही ऐसा वर्कशॉप है जिसमें सभी नौ डिपो की बसें रिपेयरिंग के लिए पहुंचती हैं। यहां एकमात्र टायर रिट्रेंडिंग शॉप तथा ऑक्शन यार्ड भी है। काठगोदाम डिपो में 10 कर्मचारी आवास बने थे लेकिन हिल डिपो बनने के बाद यह ध्वस्त कर दिए गए। तब से आवासीय व्यवस्था बंद पड़ी है। कर्मचारियों ने आवासों का निर्माण कराने और रोप-वे के लिए कहीं और भूमि तलाशने की वकालत की है।
विज्ञापन
काठगोदाम-हनुमानगढ़ी रोप-वे परियोजना के लिए चिह्नित भूमि का सर्वे करने पहुंची टीम को रोडवेज कर्मचारियों ने बैरंग लौटा दिया। इसे लेकर रोडवेज कर्मचारियों और टीम में शामिल अधिकारियों से बहसबाजी भी हुई।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से जिला प्रशासन की ओर से काठगोदाम से नैनीताल हनुमानगढ़ी तक रोप-वे बनाने की योजना है। इसके लिए काठगोदाम क्षेत्र में भूमि का चयन किया जाना है। इसके मद्देनजर नगर निगम, वन विभाग, केएमवीएन, विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग की टीम सोमवार को काठगोदाम स्थित रोडवेज के रीजनल कार्यालय और वर्कशॉप परिसर पहुंची। टीम वहां निरीक्षण के साथ ही जमीन की नापजोख कर रही थी। तभी इसकी भनक लगते ही रोडवेज कर्मचारी वहां जा धमके। दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई। उसके बाद टीम को बिना सर्वे के लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विरोध जताने वालों में मुकेश वर्मा, कमल पपैन, तारा चंद्र जोशी, पूरन सिंह बिष्ट, नवनीत कपिल, योगेश जोशी, नवीन लोहनी, अमन कुमार, हरीश आर्या, रचना बिष्ट, सरोजनी भट्ट, आनंद बिष्ट समेत रोडवेज के चार कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी शामिल रहे।
विज्ञापन
विरोध का प्रमुख कारण-
कुमाऊं में रोडवेज नैनीताल रीजन का काठगोदाम में ही ऐसा वर्कशॉप है जिसमें सभी नौ डिपो की बसें रिपेयरिंग के लिए पहुंचती हैं। यहां एकमात्र टायर रिट्रेंडिंग शॉप तथा ऑक्शन यार्ड भी है। काठगोदाम डिपो में 10 कर्मचारी आवास बने थे लेकिन हिल डिपो बनने के बाद यह ध्वस्त कर दिए गए। तब से आवासीय व्यवस्था बंद पड़ी है। कर्मचारियों ने आवासों का निर्माण कराने और रोप-वे के लिए कहीं और भूमि तलाशने की वकालत की है।