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वन अनुसंधान डेढ़ लाख पौधों को करेगा तैयार
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हल्द्वानी। ...मैंने एक चिड़िया पाली, एक दिन वो उड़ गई। फिर मैंने गिलहरी पाली, एक दिन वो भी चली गई। फिर मैंने एक दिन पेड़ लगाया, दोनों वापस आ गईं। कुछ इस तरह की मंशा के साथ वन अनुसंधान हरियाली बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। वन अनुसंधान, शाखा की ओर से हल्द्वानी और लालकुआं नर्सरी में डेढ़ लाख पौधों को तैयार करने की योजना पर काम शुरू किया है।
वन अनुसंधान की ओर से तैयार पौधों की अच्छी खासी मांग रहती थी। दिल्ली, आगरा आदि शहरों के अलावा सरकारी विभाग और विभिन्न संस्थाओं से लोग विभिन्न प्रजाति के पौधों को लेने के लिए पहुंचते हैं, पर यह प्रक्रिया दो साल से बंद थी। अब फिर से वन अनुसंधान ने पौधों को तैयार करने का फैसला किया है। वन अनुसंधान हल्द्वानी रेंज के रेंजर मदन बिष्ट कहते हैं कि हल्द्वानी और लालकुआं नर्सरी में करीब दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में डेढ़ लाख पौधों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आगामी मानसून में दिया जाएगा। पौधों को तैयार करने में कैंपा मद से बजट मिला है। जिस नर्सरी में पौधों को तैयार किया जा रहा है, वहां पर पौधों की सुरक्षा के लिए बायो फैसिंग करने का भी फैसला किया गया है। यह काम प्रारंभ किया गया है।
40 प्रजातियों को तैयार किया जाएगा
हल्द्वानी। रेंजर मदन बिष्ट कहते हैं विभिन्न प्रजाति के पौधों को सभी का ध्यान में रख कर तैयार किया जाएगा। बंदर, लंगूर, चिड़ियों के भोजन वाली बेर आदि प्रजाति को तैयार किया जाएगा। इसके आम लोग आसानी से घरों में लगा सकें, ऐसी लेमन ग्रास, तुलसी लेकर इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ आदि को तैयार किया जाएगा। इसके अलावा संगध प्रजाति वाली, फाइकस प्रजाति के पौधों को भी तैयार किया जाएगा। फाइकस प्रजाति ऑक्सीजन की मात्रा वातावरण में बढ़ाने में मददगार होते हैं। करीब 40 विभिन्न प्रकार की प्रजातियों को तैयार किया जाएगा। इन पौधों की बीते सालों में खूब मांग रही थी।
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वन अनुसंधान की ओर से तैयार पौधों की अच्छी खासी मांग रहती थी। दिल्ली, आगरा आदि शहरों के अलावा सरकारी विभाग और विभिन्न संस्थाओं से लोग विभिन्न प्रजाति के पौधों को लेने के लिए पहुंचते हैं, पर यह प्रक्रिया दो साल से बंद थी। अब फिर से वन अनुसंधान ने पौधों को तैयार करने का फैसला किया है। वन अनुसंधान हल्द्वानी रेंज के रेंजर मदन बिष्ट कहते हैं कि हल्द्वानी और लालकुआं नर्सरी में करीब दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में डेढ़ लाख पौधों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आगामी मानसून में दिया जाएगा। पौधों को तैयार करने में कैंपा मद से बजट मिला है। जिस नर्सरी में पौधों को तैयार किया जा रहा है, वहां पर पौधों की सुरक्षा के लिए बायो फैसिंग करने का भी फैसला किया गया है। यह काम प्रारंभ किया गया है।
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40 प्रजातियों को तैयार किया जाएगा
हल्द्वानी। रेंजर मदन बिष्ट कहते हैं विभिन्न प्रजाति के पौधों को सभी का ध्यान में रख कर तैयार किया जाएगा। बंदर, लंगूर, चिड़ियों के भोजन वाली बेर आदि प्रजाति को तैयार किया जाएगा। इसके आम लोग आसानी से घरों में लगा सकें, ऐसी लेमन ग्रास, तुलसी लेकर इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ आदि को तैयार किया जाएगा। इसके अलावा संगध प्रजाति वाली, फाइकस प्रजाति के पौधों को भी तैयार किया जाएगा। फाइकस प्रजाति ऑक्सीजन की मात्रा वातावरण में बढ़ाने में मददगार होते हैं। करीब 40 विभिन्न प्रकार की प्रजातियों को तैयार किया जाएगा। इन पौधों की बीते सालों में खूब मांग रही थी।
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