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अब गणित की जय-जय
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Tue, 30 May 2017 11:56 PM IST
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एक जमाना था जब परीक्षाओं में अंकों का प्रतिशत बढ़ाने के लिए कला वर्ग के विषय छात्रों की पहली पसंद माने जाते थे। छात्रों को गणित से डर लगता था। अब यह मिथक टूट रहा है। इस बार विज्ञान के छात्रों ने अपना झंडा बुलंद किया है। इनमें भी पीसीएम (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित) ग्रुप वाले बच्चे हाई स्कोर करने में कामयाब रहे हैं।
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इंटर की टॉप 25 की सूची के 86 बच्चों में सिर्फ एक बच्चा कला वर्ग का है। इस सूची में बायो ग्रुप के नौ ही बच्चे हैं। हाइस्कूल में टॉप 25 की सूची के 94 बच्चों में सभी बच्चे साइंस के हैं। प्रयोगात्मक विषय होने के कारण रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान को हाई स्कोरिंग के लिए जाना जाता है।
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इस बार गणित वाले बच्चों ने ऊंची छलांग लगाई है। गणित में 96 से 100 अंक हासिल करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब भी इंटर के बाद छात्रों की पसंद इंजीनियरिंग ही है। इस बारे में राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज जस्सागांजा में प्रवक्ता घनानंद जोशी कहते हैं कि छात्रों की सोच बदली है।
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वह हाई स्कोरिंग विषयों का चुनाव कर रहे हैं। अभिभावक भी समय की मांग के अनुरूप उन्हें अमुक विषय लेने के लिए प्रेरित करते हैं।