फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Not yet gone out of the man-eater

अब तक नहीं चला आदमखोर का पता

Mon, 03 Oct 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर
अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर Updated Mon, 03 Oct 2016 12:26 AM IST
विज्ञापन
Not yet gone out of the man-eater
बाघ की खोज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन
रामनगर। क्षेत्र में आतंक का पर्याय बनी बाघिन के अभी तक नहीं पकड़े जाने से क्षेत्र में दहशत बनी है। बाघिन की लोकेशन मोतीपुर व गोरखपुर के बीच में बताई जा रही है। रविवार को विभाग ने साठ लोगों की टीम पतरामपुर व बन्नाखेड़ा से मंगवा गन्ने के खेत में पैदल चलकर डंडों से हाका लगाया। उसमें भी कोई सफलता नहीं मिली। विभाग हाथी, पैदल, गाड़ियों से गश्त कर रहा है। बाघिन के ताजे पदचिह्न तो मिल रहे हैं लेकिन बाघिन नहीं दिख रही है। उसे खोजने में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके साथ ही विभाग अपने तजुर्बेकार लोगों को भी अभियान में शामिल करने में लगा है। तराई पश्चिमी में एसडीओ रह चुके प्रकाश चंद्र को भी इस अभियान में हल्द्वानी से बुलाया गया है।    

बाघिन को मारने के लिए अन्य विकल्पों पर करें ‌‌व‌िचार
रामनगर। आदमखोर बाघिन को मारे न जाने व आबादी में घुस रहे हिंसक वन्य जीवों को मारने का अधिकार जनता को दिए जाने आदि मांगो को लेकर ईको सेंसिटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति की बैठक कानियां चौराहे पर संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि कार्बेट व वन प्रशासन बाघिन को मारने मेें नाकाम साबित हुआ है और जनता पर मौत का खतरा मंडरा रहा है। 
विज्ञापन


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बाघिन को मारने के लिए हेलीकाप्टर व अन्य आधुनिक तकनीकी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाए। आबादी में आने वाले हिंसक वन्य जीवों को मारने का अधिकार जनता को दिए जाने के साथ ही बाघिन द्वारा मारे जाने पर किसान को होने वाले नुकसान का मुआवजा हाथोंहाथ बाजार दरों पर दिया जाए। कहा कि वन्य जीवों द्वारा मारे गये व्यक्ति का मुआवजा 3 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

वन्य जीवों के हमले में घायल व्यक्ति को 5 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दी जाए व घायल के इलाज का संपूर्ण खर्च सरकार, वन विभाग वहन करे। बैठक में निर्णय लिया गया 3 अक्तूबर सोमवार को मांगो को लेकर निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व को समिति ज्ञापन सौंपेगी। 6 अक्तूबर को दिन में 12 बजे से कार्बेट पार्क के झिरना जोन में पर्यटकों की आवाजाही बंद कर धरना दिया जायेगा। ललित उप्रेती के संचालन में हुई बैठक में विपिन पांडे, लीलाधर भट्ट, ललिता रावत, महेश जोशी, गोपाल मेहरा, गणेश नेगी, श्याम सैनी, धनेश्वरी घिल्डियाल, प्रभात ध्यानी, गिरीश जोशी, कैसर राना, खुशाल मनराल, पनीराम, ख्याली दत्त मौजूद थे। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed