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नए सर्कुलर से ग्राहक और बैंक अधिकारी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Wed, 21 Dec 2016 02:14 AM IST
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आरबीआई द्वारा जारी नए सर्कुलर से ग्राहकों से ज्यादा बैंक अधिकारी पशोपेश में हैं। सर्कुलर ग्राहकों और अधिकारियों के गले नहीं उतर रहा है। नोट बंदी के बाद बैंकों में 31 दिसंबर तक पुराने नोट जमा कराने की अवधि थी।
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अब नए सर्कुलर ने जनता की परेशानी बढ़ा दी है। नोट बंदी के बाद मोदी सरकार की काफी प्रशंसा हुई थी। 42 दिनों में एक के बाद एक नए सर्कुलर जारी होने से सरकार कठघरे में खड़ी हो गई है। जनता कैश के लिए भटक रही है।
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नए सर्कुलर के हिसाब से पांच हजार रुपए से अधिक की राशि जमा कराने पर ग्राहकों को बैंक के दो अधिकारियों के समक्ष पेश होना है। लिखित में देना है कि अब तक किसी कारण से पैसा जमा नहीं कराया गया।
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बैंक अधिकारियों के संतुष्ट नहीं होने पर धनराशि जमा नहीं हो सकेगी। सर्कुलर ग्राहकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अधिकारी भी पसोपेश में हैं। अधिकारियों का मानना है कि अगर कोई भी व्यक्ति बीमारी, बैंकों में भीड़, बच्चों की पढ़ाई के सिलसिले में बाहर जाने की बात लिखकर देता है तो उस पर कैसे यकीन करेंगे।
मोदी सरकार द्वारा तय समय सीमा से पहले अनोखे सर्कुलर ने बैंक अधिकारियों की समस्या बढ़ा दी है। हालांकि, आरबीआई की गाइड लाइन का पालन करना बैंकों की मजबूरी है।
सर्कुलर के पहले दिन जमा की बड़ी रकम
व्यापारी प्रमोद अग्रवाल गोल्डी ने एसबीआई की मुखानी शाखा में मंगलवार को 4,56,500 रुपए जमा कराए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को बताया कि 786 नंबर के संग्रह का लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड दर्ज कराने के इंतजार में आज तक पैसा जमा नहीं कराया।
कोई व्यक्ति सही बोल रहा है या गलत उसे बैंक अधिकारी कैसे तय कर सकते हैं। नए सर्कुलर से अधिकारियों को भी परेशानी हो रही है, लेकिन आरबीआई के निर्देशों का पालन करना सभी की मजबूरी है। - राजीव गोयल, मुख्य प्रबंधक एसबीआई।