फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Nainital High Court orders administration not to remove encroachers without hearing them

नैनीताल हाईकोर्ट का आदेश: पूछड़ी व रानीखेत रोड पर अतिक्रमण हटाने से पहले सुनें पक्ष, प्रशासन को निर्देश

Sat, 31 Oct 2026 11:24 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Sat, 31 Oct 2026 11:24 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने अवैध अतिक्रमण पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। कोर्ट ने रामनगर के पूछड़ी और रानीखेत रोड के अतिक्रमणकारियों को राहत देते हुए प्रशासन को उनका पक्ष सुने बिना अतिक्रमण न हटाने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
Nainital High Court orders administration not to remove encroachers without hearing them
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में सड़कों, नालों, वन भूमि, राष्ट्रीय राजमार्गों और स्थानीय निकायों की भूमि पर बढ़ रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद रामनगर के पुछड़ी व रानीखेत रोड के अतिक्रमणकारियों को राहत देते हुए प्रशासन को उनका पक्ष सुने बिना अतिक्रमण नहीं हटाने के निर्देश दिए हैं ।

विज्ञापन


कोर्ट के आदेश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति से अतिक्रमण के संबंध में तीन सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को समस्त सरकारी भूमि की जियो मैपिंग कराने और उसे अपने डिजिटल पोर्टल पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में अतिक्रमण पर रोक लग सके। कोर्ट ने वन पंचायतों की सीमाएं निर्धारित करने तथा रामनगर पूछड़ी क्षेत्र व रानीखेत रोड के निवासियों को राहत देते हुए कहा कि उनका पक्ष सुने बिना उनके निर्माण कार्यों पर कोई दंडात्मक कार्यवाही ना की जाए।
विज्ञापन


कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष रखने को कहा है और फिलहाल चार माह के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार नैनीताल के पदमपुरी क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामले में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेज कर शिकायत की थी। कोर्ट ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की। इससे पूर्व 17 अक्टूबर 2023 को अदालत ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और डीएफओ को अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि खाम भूमि सहित अन्य स्थानों पर बनाए गए सभी अवैध रिसॉर्ट्स और अतिक्रमणकारियों को अविलंब हटाया जाए। साथ ही, रामनगर के वन क्षेत्र से लगे रोजमर्रा की कमाई करने वाले स्थानीय लोगों का पक्ष सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि सभी विभाग पारदर्शी व्यवस्था के तहत डिजिटल मैपिंग की रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें ताकि राज्य की सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed