{"_id":"65bd6083e293863a740a9457","slug":"naina-devi-water-reservoir-is-becoming-a-center-of-attraction-for-tourists-and-birds-nainital-news-c-238-1-shld1020-102756-2024-02-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: क्या आप जानते है नैनीताल से 12 किलोमीटर दूर इस जलकुंड के बारे में...क्यों बन रहा आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: क्या आप जानते है नैनीताल से 12 किलोमीटर दूर इस जलकुंड के बारे में...क्यों बन रहा आकर्षण का केंद्र
Sat, 03 Feb 2024 01:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Updated Sat, 03 Feb 2024 01:16 PM IST
सार
Nainital Tourist Place: नैनीताल से लगभग 12 किलोमीटर दूर किलबरी क्षेत्र में नैना देवी बर्ड कंजर्वेशन रिजर्व में वन विभाग की ओर से बनाया गया नैनादेवी जलकुंड पर्यटकों व पक्षियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
विज्ञापन
नैनीताल के समीप नैनादेवी जलकुंड का नजारा
विस्तार
नैनीताल से लगभग 12 किलोमीटर दूर किलबरी क्षेत्र में नैना देवी बर्ड कंजर्वेशन रिजर्व में वन विभाग की ओर से बनाया गया नैनादेवी जलकुंड पर्यटकों व पक्षियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जलकुंड सालभर लबालब रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोत रिचार्ज होने लगे हैं। जलकुंड में ट्राउट मछलियां भी फल-फूल रही हैं।
नैनीताल से 12 किलोमीटर दूर किलबरी के नैनादेवी कंजर्वेशन रिजर्व में वन विभाग की ओर से भूमि व जल संरक्षण के लिए जलकुंड का निर्माण किया गया था। पानी से लबालब जलकुंड के निचले क्षेत्र में जलस्रोत रिचार्ज हुए हैं। जलस्रोत रिचार्ज होने से पंगोट, घुघु खान, पाली, बगड़, बुदलाकोट, जाख, कफुल्टा गांवों को गर्मियों में लाभ मिल रहा है।
गर्मियों में जलकुंड से वन्यजीव भी अपनी प्यास बुझा रहे हैं। छोटे से भू क्षेत्र में परिंदों की सैकड़ों प्रजातियां पाए जाने के कारण इनके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए क्षेत्र को आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। नैना देवी बर्ड कंजर्वेशन रिजर्व नैना व कोसी रेंज को मिलाकर बना हुआ है। प्रतिवर्ष 10 हजार से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचते हैं। प्रति पर्यटक 50 रुपये प्रवेश शुल्क रखा गया है।
विज्ञापन
ये पढ़ें- World Cancer Day 2024: कुमाऊं में तेजी से बढ़ रही मुंह और सर्वाइकल कैंसर मरीजों की संख्या, जानिए बचाव के तरीके
विज्ञापन
नैनीताल से 12 किलोमीटर दूर किलबरी के नैनादेवी कंजर्वेशन रिजर्व में वन विभाग की ओर से भूमि व जल संरक्षण के लिए जलकुंड का निर्माण किया गया था। पानी से लबालब जलकुंड के निचले क्षेत्र में जलस्रोत रिचार्ज हुए हैं। जलस्रोत रिचार्ज होने से पंगोट, घुघु खान, पाली, बगड़, बुदलाकोट, जाख, कफुल्टा गांवों को गर्मियों में लाभ मिल रहा है।
विज्ञापन
गर्मियों में जलकुंड से वन्यजीव भी अपनी प्यास बुझा रहे हैं। छोटे से भू क्षेत्र में परिंदों की सैकड़ों प्रजातियां पाए जाने के कारण इनके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए क्षेत्र को आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। नैना देवी बर्ड कंजर्वेशन रिजर्व नैना व कोसी रेंज को मिलाकर बना हुआ है। प्रतिवर्ष 10 हजार से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचते हैं। प्रति पर्यटक 50 रुपये प्रवेश शुल्क रखा गया है।
विज्ञापन
ये पढ़ें- World Cancer Day 2024: कुमाऊं में तेजी से बढ़ रही मुंह और सर्वाइकल कैंसर मरीजों की संख्या, जानिए बचाव के तरीके
मुख्य वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं वृत, टीआर बीजूलाल ने बताया नैना देवी जलकुंड में सालभर पानी होने से तमाम प्रजातियों के पक्षी यहां पहुंच रहे हैं। यह क्षेत्र बर्ड वाचरों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। इससे यहां पर्यटन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।