फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Mining work affected for fourth day due to strike by dumpers

डंपरों की हड़ताल से चौथे दिन भी खनन कार्य प्रभावित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
Mining work affected for fourth day due to strike by dumpers
ईमलीघाट गेट में रास्ते को लेकर हुए विवाद को निपटाने का प्रयास करते विधायक दुम्का व वनाधिकारी। - फोटो : LALKUAN
लालकुआं (नैनीताल)। इमलीघाट गेट पर वाहनों के नदी में उतरने के लिए वन विभाग द्वारा तैयार किए नए रास्ते का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए वाहनों का प्रवेश बाधित कर दिया। इस कारण गेट पर निकासी नहीं हो सकी। विधायक नवीन दुम्का और वन क्षेत्राधिकारी गौला रेंज गणेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण तैयार नहीं हुए। विरोध के चलते देर शाम तक गेट से चलने वाले 428 वाहनों में से आधे वाहन नदी के बाहर और आधे अंदर खड़े रहे।
विज्ञापन

इमलीघाट गेट में वाहनों की आवाजाही के लिए वन विभाग द्वारा रास्ता बनाया गया है। अभी रास्ते में पानी का बहाव अधिक होने से खनन वाहन रास्ते में फंस रहे हैं जिससे वन विभाग द्वारा शिवपुरी नंबर छह की सीमा से लगी अपनी ही जमीन पर एक नया रास्ता तैयार किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नए रास्ते से उन्हें आवाजाही में परेशानी हो रही है। विरोध करने वालों में गांव के प्रेमपाल, कोमल साधु, बब्बन, दयाल सिंह, मोहन सिंह मेहता, गौला खनन वाहन सीमित इमलीघाट के अध्यक्ष कुंदन सिंह कोरंगा, सचिव रवींद्र कोरंगा, जीवन गुसाईं, गोविंद दानू, पंकज सिंह आदि थे।
विज्ञापन

हड़ताल से चौथे दिन भी खनन कार्य प्रभावित
हल्द्वानी। डंपर चालकों की हड़ताल के चलते चौथे दिन मंगलवार को भी गौला में खनन कार्य प्रभावित रहा। रॉयल्टी कम करने की मांग को लेकर हड़ताल पर गए डंपर स्वामियों ने गौला के हल्दूचौड़, इंद्रानगर, आंवला चौकी, बेरीपड़ाव, मोटाहल्दू और देवरामपुर गेट बंद रखे जबकि शांतिपुरी गेट रास्ते को लेकर हुए विवाद में बंद रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

डंपर मालिकों का एलान, भाड़ा नहीं बढ़ा तो क्रेशरों में नहीं डालेंगे माल
हल्द्वानी। रॉयल्टी कम करने और भाड़ा बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर गए डंपर मालिकों ने भाड़ा न बढ़ाने पर क्रेशरों में माल नहीं डालने का एलान किया है। उनका कहना है कि गत वर्ष क्रेशर संचालक भाड़ा 35 रुपये देते थे और रॉयल्टी खुद जमा करते थे। इस वर्ष क्रेशर मालिकों ने भाड़ा 55 रुपये किया है लेकिन इसमें रॉयल्टी के 30.50 पैसे भी जोड़ दिए हैं जिससे उन्हें भाड़ा मात्र 24.50 पैसे ही मिल रहा है जिससे सारे खर्चे घटाने के बाद उन्हें पर क्विंटल 150 रुपये का लाभ मिलेगा जिससे उनकी लागत भी नहीं निकलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed