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Nainital News: सुहागिन एक नवंबर को मनाएंगी करवाचौथ....
Sun, 29 Oct 2023 02:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 29 Oct 2023 02:22 AM IST
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हल्द्वानी। पति की दीर्घायु के लिए करवाचौथ व्रत एक नवंबर को रखा जाएगा। चंद्रोदय स्थानीय समयानुसार 8:05 बजे होगा। पूजा और चंद्रमा को अर्ध्य अर्पित करने का श्रेष्ठ मुहूर्त रात्रि 8:05 बजे से 9: 20 बजे तक है। सायंकाल 4:12 बजे तक वृष राशि में चंद्रमा रहने के कारण मिथुन, तुला और कुंभ राशि वालों को प्रथम बार इस व्रत को शुरू नहीं करना चाहिए।
ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार क्योंकि इन राशियों का दिन प्रतिकूल रहेगा।। 4 बजकर 12 मिनट में चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण कर्क, वृश्चिक, मीन राशि को अपैट प्रतिकूल रहेगा। अतः इस राशि के जातकों को श्री गणेश भगवान जी के 108 जप कर पति की दीर्घायु की कामना करनी चाहिए। ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय के अनुसार बुधवार को चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। सायंकाल में सर्वार्थसिद्धि और शिव योग बने रहने से इन योग में करवा माता और शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। अविवाहित कन्याएं भी करवाचौथ व्रत का पालन करने लगी हैं। ज्योतिष के अनुसार इस बार शिव योग में कुंवारी कन्याएं व्रत का पालन कर शिव-गौरी से अपने लिए मनोवांछित वर की कामना कर सकती हैं। समाज में नारी के सम्मान के प्रति नवचेतना जागृत करते हुए अब पुरुष भी पत्नी की दीर्घायु के लिए करवाचौथ व्रत करने लगे हैं।
माता करवा की भी होती है पूजा
पौराणिक कथाओं के अनुसार करवा माता ने पतिव्रत धर्म के तपोबल से यमराज से अपने पति को जीवनदान दिलाया था। तब से सुहागन महिलाएं करवाचौथ व्रत का पालन करती आ रही हैं, उस दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि थी। इसलिए व्रत का नाम करवाचौथ पड़ा।
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पूजा विधि जानिए
सूर्योदय से पूर्व उठकर सगरी ग्रहण करने के बाद स्नान करें। निर्जला व्रत का संकल्प लेते हुए सायंकाल शिव परिवार की पूजा-अर्चना करें और करवा-चौथ की कथा पढ़ें या सुनें। सोलह शृंगार के साथ सज-धज कर चंद्रोदय के समय छलनी से चंद्रदर्शन कर करवा की थाली में घी का दीपक जलाकर चंद्र आरती करें। फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति का मुख दर्शन करें और पति के हाथों से जल ग्रहण कर अपने व्रत का पारायण करें।
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ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार क्योंकि इन राशियों का दिन प्रतिकूल रहेगा।। 4 बजकर 12 मिनट में चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण कर्क, वृश्चिक, मीन राशि को अपैट प्रतिकूल रहेगा। अतः इस राशि के जातकों को श्री गणेश भगवान जी के 108 जप कर पति की दीर्घायु की कामना करनी चाहिए। ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय के अनुसार बुधवार को चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। सायंकाल में सर्वार्थसिद्धि और शिव योग बने रहने से इन योग में करवा माता और शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। अविवाहित कन्याएं भी करवाचौथ व्रत का पालन करने लगी हैं। ज्योतिष के अनुसार इस बार शिव योग में कुंवारी कन्याएं व्रत का पालन कर शिव-गौरी से अपने लिए मनोवांछित वर की कामना कर सकती हैं। समाज में नारी के सम्मान के प्रति नवचेतना जागृत करते हुए अब पुरुष भी पत्नी की दीर्घायु के लिए करवाचौथ व्रत करने लगे हैं।
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माता करवा की भी होती है पूजा
पौराणिक कथाओं के अनुसार करवा माता ने पतिव्रत धर्म के तपोबल से यमराज से अपने पति को जीवनदान दिलाया था। तब से सुहागन महिलाएं करवाचौथ व्रत का पालन करती आ रही हैं, उस दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि थी। इसलिए व्रत का नाम करवाचौथ पड़ा।
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पूजा विधि जानिए
सूर्योदय से पूर्व उठकर सगरी ग्रहण करने के बाद स्नान करें। निर्जला व्रत का संकल्प लेते हुए सायंकाल शिव परिवार की पूजा-अर्चना करें और करवा-चौथ की कथा पढ़ें या सुनें। सोलह शृंगार के साथ सज-धज कर चंद्रोदय के समय छलनी से चंद्रदर्शन कर करवा की थाली में घी का दीपक जलाकर चंद्र आरती करें। फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति का मुख दर्शन करें और पति के हाथों से जल ग्रहण कर अपने व्रत का पारायण करें।