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आदमखोर बाघिन को सामने देख बेहोश हुई महिला
अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:34 AM IST
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TIGERESS
- फोटो : Abhimanyu rajvi barcroft images
आदमखोर बाघिन झलक दिखाकर फिर ओझल हो गई। शुक्रवार को जिस समय वनकर्मी तल्ला कानिया में गन्ने के खेत में हाका लगा रहे थे, उसी समय बाघिन बैड़ाझाल में दिखाई दी। वहां खेत में धान की सफाई कर रही महिला आदमखोर बाघिन को अपने सामने देखकर बेहोश हो गई।
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उसके साथ आई महिलाओं ने शोर मचाकर बाघिन को भगाया। सूचना पर वनकर्मियों ने बैडाझाल में जाल बिछाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अभी तक बाघिन को न मारने पर ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया।
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शुक्रवार की दोपहर 12 बजे गांव की छह महिलाएं बैड़ाझाल में गोपाल दत्त जोशी के खेत में धान की सफाई कर रही थीं। जैबुन्निसा जब धान का पूला उठाने के लिए गन्ने के खेत के पास पहुंची तो वहां घात लगाए बैठी बाघिन ने जोर से दहाड़ मारी, जैबुन्निसा की चीख सुनकर साथ में काम कर रहीं अनिता जोशी, कमला जोशी, गंगा जोशी, रुखसाना और वकीला ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे बाघिन भाग गई, लेकिन जेबुन्निसा वहीं बेहोश हो गई।
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उसे तुरंत राजकीय चिकित्सालय लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले गए, लेकिन उसे ऐसा सदमा लगा कि वह तीन घंटे बाद होश में आई। इस बीच सूचना पर वनकर्मियों की टीम बैड़ाझाल पहुंच गई और गन्ने के खेत को जाल से घेरकर हाका लगाया। घंटों मशक्कत के बाद भी कोई कामयाबी नहीं मिली।
एसडीओ कलम सिंह बिष्ट ने बताया सूचना मिलने पर बैडाझाल के साथ ही तल्ला गौजानी में तीन जगह कुत्तों और हाथियों से गश्त की गई, लेकिन बाघिन नहीं मिली। मोतीपुर, उम्मेदपुुर, गोरखपुर, धनपुर घासी में मचान बनाए गए हैं।
पिंजरों के पास कटरे और बकरे बाधे गए हैं। इसके बावजूद सफलता नहीं मिल पाई है। इधर, ग्रामीणों ने वनविभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया कि लाखों के बजट और लंबी चौड़ी फौज के बावजूद बाघिन को नहीं मार पा रहे हैं, जबकि ग्रामीणों का हर दिन दहशत में बीत रहा है। जल्द नहीं मारा गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।