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नैनीताल: पोषण की कम़ी से नहीं बढ़ रही नौनिहालों की लंबाई, आंगनबाड़ी के बच्चों की लंबाई-वजन पर चिंता

Sun, 11 Oct 2026 11:37 AM IST
गायत्री जोशी आदर्श सिंह
आदर्श सिंह Published by: गायत्री जोशी Updated Sun, 11 Oct 2026 11:37 AM IST
सार

नैनीताल जिले में पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की लंबाई और वजन की माप में 7,744 बच्चे उम्र के अनुपात में कम लंबाई वाले मिले हैं। पोषण ट्रैकर की अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, 1,788 बच्चे कम वजन और 1,103 बच्चे मोटापे की श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।

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Children's height not increasing due to nutritional deficiency
मोटापा की समस्या - फोटो : Freepik.com

विस्तार

नैनीताल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के शारीरिक विकास के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त की पोषण ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की लंबाई और वजन की माप में 7,744 बच्चे उम्र के अनुपात में कम लंबाई वाले मिले। यानी करीब हर छह में से एक बच्चा स्टंटिंग की चपेट में है। वहीं 1,788 बच्चे कम वजन की श्रेणी में दर्ज किए गए। चिंता की बात यह है कि पांच से छह साल के बच्चों में भी कुपोषण के संकेत सामने आए हैं। बता दें कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 44,465 में से 44,224 बच्चों की माप की गई थी।

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पांच वर्ष तक मापे गए बच्चे : 44,224

स्टंटिंग से प्रभावित : 7,744 (17.51 प्रतिशत)

कम वजन वाले बच्चे : 1,788

मोटापे की श्रेणी में : 1,103

नोट : इसका पाई चार्ट बनाया है

हल्द्वानी शहरी क्षेत्र में अविकसित सबसे अधिक

परियोजनावार आंकड़ों में हल्द्वानी शहरी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित नजर आता है। यहां मापे गए 8,034 बच्चों में 1,379 बच्चे गंभीर रूप से अविकसित (17.16%) और 902 बच्चे मध्यम रूप से अविकसित (11.23%) पाए गए। यानी कुल 28.39 प्रतिशत बच्चे स्टंटिंग की दोनों श्रेणियों में दर्ज हुए। रामगढ़ में गंभीर स्टंटिंग 16.91 प्रतिशत और भीमताल में मध्यम स्टंटिंग 12.37 प्रतिशत दर्ज हुई। बेतालघाट में गंभीर स्टंटिंग 12.29 प्रतिशत रही। कम वजन के मामले में भी हल्द्वानी शहरी क्षेत्र में आंकड़ा अपेक्षाकृत अधिक है। यहां 453 बच्चे मध्यम रूप से कम वजन वाले और 92 बच्चे गंभीर रूप से कम वजन वाले दर्ज हुए।

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क्षेत्रवार प्रमुख आंकड़े

परियोजना : मापे गए बच्चे : गंभीर स्टंटिंग : गंभीर कम वजन : मोटापा

बेतालघाट           1,359: 167 : 11 : 41

भीमताल             3,339 : 234 : 18 : 39

धारी                   1,146 : 74 : 04 : 13

हल्द्वानी ग्रामीण      15,320 : 283 : 26 : 66

हल्द्वानी शहरी         8,034 : 1,379 : 92 : 540

कोटाबाग              2,229 : 150 : 10 : 36

ओखलकांडा           2,208 : 187 : 18 : 56

रामगढ़                 1,532 : 259 : 22 : 78

रामनगर                9,057 : 943 : 80 : 234

कुल                   44,224 : 3,676 : 281: 1,103

इन पोषण की होती है जरूरत

गर्भावस्था में पोषण की जरूरत बढ़ जाती है। सामान्य तौर पर दूसरी और तीसरी तिमाही में रोजाना करीब 350 अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा 60 ग्राम प्रतिदिन प्रोटीन, 27-35 मिलीग्राम आयरन, 400-600 फोलिक एसिड, 1000 कैल्शियम, दो से तीन लीटर पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा दूध, दही, रागी, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और मेवे नियमित आहार में शामिल करें।

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बार-बार गर्भ होने के कारण बच्चों का वजन कम होता है। प्रीमेच्योर डिलिवरी में भी ऐसा होता है। सरकार की ओर से अनुपूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके दैनिक भोजन में जिन पोषण की कमी रह जाए, उसकी पूर्ति हो सके। आंगनबाड़ी के माध्यम से सभी महिलाओं तक इसे पहुंचाना सुनिश्चित कराया जा रहा है। लगातार उनकी ट्रेकिंग की जाती है। कई बार गलत खानपान और आदतों के कारण भी बच्चों के वजन पर असर पड़ता है - अनुलेखा बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग नैनीताल

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