{"_id":"5fea34418ebc3e3f61126d5c","slug":"life-gave-up-under-stress-of-leaving-job-in-lockdown-one-year-wife-is-living-in-maiden-with-children-haldwani-news-hld4090638137","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में नौकरी छूटने के तनाव में दे दी जान, एक साल पत्नी बच्चों के साथ मायके में रह रही है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में नौकरी छूटने के तनाव में दे दी जान, एक साल पत्नी बच्चों के साथ मायके में रह रही है
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। मुखानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पूरनपुर हिम्मतपुर बैजनाथ में एक युवक ने लॉकडाउन में नौकरी जाने के तनाव में आकर फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी के एक साल से बच्चों के साथ मायके में है। फांसी लगाने से पहले उसने फोन पर पत्नी से बात भी की थी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में पत्नी से भी पूछताछ की जाएगी।
37 वर्षीय नरेंद्र सिंह पटवाल पुत्र गंगा सिंह पटवाल गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। लॉकडाउन के चलते उसकी नौकरी चली गई थी। वह 10 महीने से घर पर ही रह रहा था। पुलिस के अनुसार उसकी पत्नी जानकी अपने दो बच्चों के साथ एक साल से हरियाणा के रोहतक स्थित अपने मायके में रह रही है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार को परिजनों ने बताया कि रविवार को घटना से पहले नरेंद्र ने पत्नी से बातचीत की थी।
इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया। रात नौ बजे मां जब उसके कमरे में गई तो वह पंखे से लटका मिला। मां से चीखने पर बड़े बेटे रमेश पटवाल और परिवार के अन्य लोग भी आ गए। पड़ोसियों के सहयोग से शव को उतारा गया। पूर्व ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने पुलिस को सूचना दी। बड़े भाई रमेश पटवाल का कहना था कि नरेंद्र की पत्नी से कोई विवाद नहीं था। नौकरी छूटने के कारण वह तनाव में रह रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
37 वर्षीय नरेंद्र सिंह पटवाल पुत्र गंगा सिंह पटवाल गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। लॉकडाउन के चलते उसकी नौकरी चली गई थी। वह 10 महीने से घर पर ही रह रहा था। पुलिस के अनुसार उसकी पत्नी जानकी अपने दो बच्चों के साथ एक साल से हरियाणा के रोहतक स्थित अपने मायके में रह रही है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार को परिजनों ने बताया कि रविवार को घटना से पहले नरेंद्र ने पत्नी से बातचीत की थी।
विज्ञापन
इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया। रात नौ बजे मां जब उसके कमरे में गई तो वह पंखे से लटका मिला। मां से चीखने पर बड़े बेटे रमेश पटवाल और परिवार के अन्य लोग भी आ गए। पड़ोसियों के सहयोग से शव को उतारा गया। पूर्व ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने पुलिस को सूचना दी। बड़े भाई रमेश पटवाल का कहना था कि नरेंद्र की पत्नी से कोई विवाद नहीं था। नौकरी छूटने के कारण वह तनाव में रह रहा था।
विज्ञापन