{"_id":"63713a5d97e0ff7bc95c1ccc","slug":"land-law-should-be-implemented-in-uttarakhand-ukrand-haldwani-news-hld48190836","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में भूकानून लागू किया जाएः उक्रांद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में भूकानून लागू किया जाएः उक्रांद
विज्ञापन
हल्द्वानी में आयोजित उत्तराखंड क्रांति दल की केन्द्रीय कार्यकारिणी कीी बैठक में बोलते देवेस्व?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकारिणी की बैठक में दूसरे दिन 15 प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें यूकेएसएसएससी घोटाले की जांच सीबीआई से कराने, भू कानून 1950 को पूर्ण रूप से लागू करने आदि प्रस्ताव शामिल हैं।
कालाढूंगी रोड स्थित एक बरातघर में रविवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में यूकेडी को मजबूत कर भाजपा-कांग्रेस का विकल्प तैयार करने का संकल्प लिया गया। बैठक में अंकिता के हत्यारोपियों को फांसी देने के लिए संघर्ष, यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाला और विधानसभा सचिवालय भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से कराने, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र, भौगोलिक, सांस्कृतिक दृष्टि से कार्य योजना बनाने का प्रस्ताव, भू कानून 1950 को पूर्ण रूप से लागू करने, 1950 से पहले के उत्तराखंड वासियों को मूल निवासी घोषित करने और मूल निवास प्रमाणपत्र जारी करने, स्थायी निवास प्रमाणपत्र की व्यवस्था समाप्त करने आदि के प्रस्ताव पास किए गए।
इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, त्रिवेंद्र सिंह पंवार, पुष्पेश त्रिपाठी, नारायण सिंह जंतवाल, खड़क सिंह, सुरेंद्र कुकरेती, डॉ. शक्ति शैल, दिनेश भट्ट, बीडी जोशी, डीके जोशी, केंद्रीय महामंत्री सुशील उनियाल, मीनाक्षी घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कालाढूंगी रोड स्थित एक बरातघर में रविवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में यूकेडी को मजबूत कर भाजपा-कांग्रेस का विकल्प तैयार करने का संकल्प लिया गया। बैठक में अंकिता के हत्यारोपियों को फांसी देने के लिए संघर्ष, यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाला और विधानसभा सचिवालय भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से कराने, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र, भौगोलिक, सांस्कृतिक दृष्टि से कार्य योजना बनाने का प्रस्ताव, भू कानून 1950 को पूर्ण रूप से लागू करने, 1950 से पहले के उत्तराखंड वासियों को मूल निवासी घोषित करने और मूल निवास प्रमाणपत्र जारी करने, स्थायी निवास प्रमाणपत्र की व्यवस्था समाप्त करने आदि के प्रस्ताव पास किए गए।
विज्ञापन
इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, त्रिवेंद्र सिंह पंवार, पुष्पेश त्रिपाठी, नारायण सिंह जंतवाल, खड़क सिंह, सुरेंद्र कुकरेती, डॉ. शक्ति शैल, दिनेश भट्ट, बीडी जोशी, डीके जोशी, केंद्रीय महामंत्री सुशील उनियाल, मीनाक्षी घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन