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बोली और संस्कृति से होती है प्रांत की पहचान : कल्पना चौहान
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:29 AM IST
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कल्पना चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना चौहान ने कहा किसी भी प्रांत की पहचान वहां की बोली, भाषा और संस्कृति से होती है। उन्होंने कहा प्रवासी उत्तराखंडियों में से अधिकांश युवक और युवतियां हिंदी पॉप व वेस्टर्न संगीत ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था व पुष्कर फाउंडेशन की पहल पर उत्तराखंड सुर ताल संग्राम का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से अपनी बोली,भाषा व गीत तथा संगीत के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।
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कल्पना ने बताया उत्तराखंड सुर ताल संग्राम नामक प्रतियोगिता लोक भाषा कुमाऊंनी, गढ़वाली व जौनसारी पर ही आधारित है। युवा प्रतिभाओं के लिए यह एक सुनहरा मंच है जिससे वह अपनी बोली,भाषा के माध्यम से देश दुनियां में अपनी विशेष पहचान बना सकें। पहला आडिशन 25 मई से मुंबई से शुरु हो चुका है। 1 जून को चंडीगढ़, 2 को दिल्ली में हुआ, अब 4 जून को नैनीताल के शैले हाल में आडिशन होगा। रहा है। जिसके लिए 48 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
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विभिन्न शहरों में आडिशन के बाद 16 जून को देहरादून के सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में सेमीफाइनल होगा जबकि ग्रेंड फिनाले मुंबई में होगा। मुबंई में बालीवुड की जानी-मानी गायिका सपना अवस्थी सहित उत्तराखंड की कई बालीवुड हस्तियां शिरकत करेंगी। गायन में प्रथम विजेता को एक लाख जबकि नृत्य में प्रथम विजेता को 51 हजार रुपये और आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। वार्ता में संगीत निर्देशक राजेंद्र चौहान, विकास साह, मुकेश भंडारी, बंटी शर्मा, रोहित चौहान, आकांक्षा रावत, दिव्यंत साह आदि मौजूद थे।
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