{"_id":"6a9d436198b8b018e30b9769","slug":"jaundice-and-diarrhea-outbreak-in-jyolikot-demand-for-free-treatment-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्योलीकोट: जलजनित बीमारियों का कहर, ब्लॉक प्रमुख ने डीएम से अस्पतालों में 50 फीसदी मुफ्त इलाज की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्योलीकोट: जलजनित बीमारियों का कहर, ब्लॉक प्रमुख ने डीएम से अस्पतालों में 50 फीसदी मुफ्त इलाज की मांग की
Sun, 06 Sep 2026 04:14 PM IST
गायत्री जोशी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: गायत्री जोशी
Updated Sun, 06 Sep 2026 04:14 PM IST
सार
ज्योलीकोट क्षेत्र में पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने प्रभावित मरीजों के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त या 50 फीसदी रियायती इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
ज्योलीकोट में जलजनित बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच ग्रामीणों के साथ बैठक करते ब्लॉक प्रमुख।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नैनीताल जिले भीमताल ब्लॉक के ज्योलीकोट क्षेत्र में पीलिया, डायरिया समेत जलजनित बीमारियों के बढ़ते प्रकोप से ग्रामीणों में दहशत है। स्थिति को गंभीर बताते हुए क्षेत्र पंचायत भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रभावित ग्रामीणों के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में निशुल्क तथा कम से कम 50 फीसदी छूट पर उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में जलजनित बीमारियां तेजी से फैल रही हैं और हालात जनस्वास्थ्य आपातकाल जैसे बनते जा रहे हैं। एक ही परिवार के तीन से चार सदस्य एक साथ गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं। बीमारी बढ़ने से कई ग्रामीण मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जहां महंगे उपचार और दवाइयों का खर्च उनके लिए भारी पड़ रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने पत्र में प्रथम दृष्टया पेयजल व्यवस्था में विभागीय लापरवाही को भी संकट से जोड़ते हुए जांच की जरूरत बताई। डीएम से मांग की गई कि प्रभावित मरीजों को सरकारी और निजी चिकित्सालयों में निशुल्क अथवा 50 फीसदी छूट पर उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराने के आदेश दिए जाएं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
विज्ञापन